युवा होने के लिए उम्र नहीं जज्बा जरूरी भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का बड़ा बयान
पणजी : 28 अक्टूबर 2026। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने युवाओं की परिभाषा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि युवा होने का संबंध केवल उम्र से नहीं, बल्कि व्यक्ति की सोच, मेहनत, संघर्ष और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की इच्छा से होता है। जो व्यक्ति कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए आगे बढ़ने का साहस रखता है और अपने जीवन, समाज तथा देश में बदलाव लाना चाहता है, वही वास्तविक अर्थों में युवा है।गोवा की राजधानी पणजी में बुधवार को भाजपा की ओर से आयोजित 'युवा संवाद' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि युवाओं को जेनरेशन जेड (Gen Z), जेनरेशन अल्फा (Gen Alpha) या अन्य पीढ़ियों के आधार पर बांटना उचित नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं की पहचान उनकी उम्र या किसी विशेष पीढ़ी से नहीं, बल्कि उनके विचारों, मेहनत और दृढ़ संकल्प से होनी चाहिए।
युवा होने के लिए उम्र नहीं, बदलाव की सोच जरूरी
कार्यक्रम के दौरान भाजपा अध्यक्ष ने युवाओं से सीधे संवाद करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को युवा मानने के लिए उसकी उम्र को एकमात्र आधार नहीं बनाया जा सकता। यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन में नई चुनौतियों का सामना करने, संघर्ष करने और आगे बढ़ने की इच्छा रखता है, तो वह किसी भी उम्र में युवा कहलाने का हकदार है।उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की उम्र 15 वर्ष है या वह 40 से 45 वर्ष का है, लेकिन उसके भीतर बदलाव लाने का उत्साह और आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति मौजूद है, तो उसे युवा ही माना जाना चाहिए।नितिन नवीन के अनुसार, युवावस्था केवल जीवन का एक चरण नहीं, बल्कि ऐसी मानसिकता है, जो व्यक्ति को लगातार कुछ नया करने और अपनी परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करती है।
Gen Z और Gen Alpha में युवाओं को बांटने पर उठाए सवाल
भाजपा अध्यक्ष ने वर्तमान समय में युवाओं को अलग-अलग पीढ़ियों के नाम से पहचानने की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को जेन जी, जेन अल्फा या अन्य श्रेणियों में विभाजित करने की आवश्यकता नहीं है।उनका कहना था कि प्रत्येक पीढ़ी के युवाओं में कुछ नया करने की क्षमता होती है। इसलिए पीढ़ियों के बीच अंतर तलाशने के बजाय युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और सकारात्मक सोच को महत्व देना चाहिए।यह बयान ऐसे समय आया है, जब देश के विभिन्न हिस्सों में युवा नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियां चर्चा में हैं। वहीं विपक्षी कांग्रेस भी अलग-अलग शहरों में युवाओं से संपर्क बढ़ाने के कार्यक्रम आयोजित कर रही है।ऐसे राजनीतिक माहौल में भाजपा अध्यक्ष का यह बयान युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने की पार्टी की कोशिशों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेहनत और संघर्ष से ही संभव है बदलाव
नितिन नवीन ने अपने संबोधन में मेहनत और दृढ़ संकल्प को विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए केवल सपने देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन सपनों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास करना जरूरी है।उन्होंने युवाओं के संघर्ष करने और आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति को उनकी वास्तविक पहचान बताया। उनके मुताबिक, जो व्यक्ति यह विश्वास रखता है कि वह अपनी मेहनत से अपने जीवन, राज्य और देश में बदलाव ला सकता है, उसके भीतर युवावस्था की वास्तविक भावना मौजूद है।उनके इस संदेश का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उम्र और पीढ़ी की सीमाओं से ऊपर उठकर अपनी क्षमताओं को पहचानने तथा सकारात्मक बदलाव के लिए प्रयास करने को प्रेरित करना था।
युवा संवाद कार्यक्रम के जरिए सीधा संपर्क
भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी अपने युवा मोर्चा और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं के साथ लगातार संवाद कर रही है। इसी उद्देश्य से पणजी में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम का मकसद युवाओं और पार्टी नेतृत्व के बीच सीधा संवाद स्थापित करना था। इसमें युवाओं की भूमिका, उनकी सोच और देश के भविष्य में उनके योगदान जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।इस अवसर पर गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दामोदर नाइक भी मौजूद रहे।
विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका
भाजपा अध्यक्ष के संबोधन में देश के विकास और युवाओं की भागीदारी का मुद्दा भी प्रमुख रहा। उन्होंने भारत की विनिर्माण क्षमता में हो रही वृद्धि तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में देश की मजबूत होती भूमिका का उल्लेख किया।उन्होंने 'मेक इन इंडिया' और कौशल विकास जैसे प्रयासों के संदर्भ में देश की आर्थिक तथा औद्योगिक प्रगति की बात रखी। उनका संदेश था कि देश के विकास के लिए युवाओं की ऊर्जा, कौशल और मेहनत का सकारात्मक उपयोग महत्वपूर्ण है।देश के विकास में युवा वर्ग की भूमिका केवल रोजगार हासिल करने तक सीमित नहीं है। उद्यमिता, नवाचार, तकनीक, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में भी युवा महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है बयान
नितिन नवीन का यह बयान राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देश की राजनीति में युवा मतदाताओं की भूमिका लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। विभिन्न राजनीतिक दल युवाओं से जुड़ने और उनकी प्राथमिकताओं को समझने के लिए कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं।ऐसे में भाजपा का युवा संवाद कार्यक्रम पार्टी नेतृत्व और युवा वर्ग के बीच संपर्क बढ़ाने का एक माध्यम है। राजनीतिक विश्लेषण के स्तर पर देखा जाए तो युवाओं की पहचान को केवल उम्र तक सीमित न रखने का संदेश अलग-अलग आयु वर्ग के सक्रिय लोगों को भी संबोधित करता है।हालांकि, युवाओं के सामने रोजगार, शिक्षा, कौशल विकास और अवसरों से जुड़ी चुनौतियां भी महत्वपूर्ण हैं। इन मुद्दों पर ठोस नीतियां और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को युवा भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक माना जाता है।
उम्र नहीं, सोच और संकल्प से तय होती है युवावस्था
अपने संबोधन के माध्यम से नितिन नवीन ने यह संदेश दिया कि व्यक्ति की वास्तविक ताकत उसकी सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत करने की क्षमता में होती है।उन्होंने युवाओं की पहचान के लिए उम्र आधारित सीमाओं के बजाय संघर्ष, संकल्प और बदलाव की इच्छा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।पणजी में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम से सामने आया उनका यह विचार युवावस्था की पारंपरिक परिभाषा से अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उनके अनुसार, जब तक किसी व्यक्ति के भीतर आगे बढ़ने, चुनौतियों का सामना करने और बदलाव लाने की इच्छा जीवित है, तब तक वह युवा है।