नई दिल्ली: देश में एक बार फिर महंगाई का असर देखने को मिला है। मंगलवार को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी विमान ईंधन की कीमतों में 5.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई। इसके साथ ही होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं।

सरकारी तेल कंपनियों की ओर से की गई इस बढ़ोतरी का असर विमानन क्षेत्र के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर परिचालन लागत पर पड़ता है, जिसका बोझ आगे चलकर ग्राहकों तक पहुंच सकता है।

जेट फ्यूल की कीमत में 6.28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी

सरकारी तेल कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमत में 6.28 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। इस बढ़ोतरी के बाद घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF की कीमत बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

ATF की कीमतों में यह लगातार दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। इससे पहले 1 अगस्त को भी विमान ईंधन के दाम में 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। लगातार बढ़ रही कीमतों से एयरलाइंस कंपनियों की लागत बढ़ने की संभावना है।

हवाई यात्रा हो सकती है महंगी

विमानन कंपनियों के कुल खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी काफी अधिक होती है। ऐसे में ATF के दाम बढ़ने से एयरलाइंस के संचालन खर्च पर सीधा असर पड़ता है।

हालांकि, कंपनियां तुरंत किराया बढ़ाने का फैसला नहीं करतीं, लेकिन लंबे समय तक ईंधन महंगा रहने की स्थिति में हवाई टिकट की कीमतों पर असर पड़ सकता है।

यात्रियों के लिए इसका मतलब है कि आने वाले समय में हवाई सफर का खर्च बढ़ सकता है। खासकर त्योहारों और छुट्टियों के सीजन में किराए पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

कमर्शियल LPG सिलेंडर भी महंगा

ATF के साथ ही 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव के बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम 9.50 रुपये बढ़ गए हैं।

इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा। इन संस्थानों में बड़े पैमाने पर कमर्शियल LPG का इस्तेमाल किया जाता है।

होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर असर

कमर्शियल LPG की कीमत बढ़ने से होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की लागत बढ़ जाएगी। खाना बनाने से लेकर अन्य संचालन खर्चों में वृद्धि हो सकती है।

व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही बढ़ती लागत और महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ना एक अतिरिक्त चुनौती है। कुछ कारोबारी इसका असर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ने की आशंका जता रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर

तेल कंपनियां हर महीने ईंधन की कीमतों में संशोधन करती हैं। यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों के आधार पर किया जाता है।

ATF और LPG की कीमतों में बदलाव भी वैश्विक बाजार की परिस्थितियों से प्रभावित होता है। डॉलर की कीमत और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।

आम लोगों पर पड़ेगा अप्रत्यक्ष असर

भले ही ATF और कमर्शियल LPG की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे हर व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।

हवाई यात्रा महंगी होने के अलावा होटल, रेस्टोरेंट और खाने-पीने की सेवाओं की लागत बढ़ सकती है। इससे उपभोक्ताओं के मासिक खर्च पर अतिरिक्त दबाव आ सकता है।

लगातार बढ़ोतरी से बढ़ी चिंता

ATF की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी विमानन क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गई है। एयरलाइंस कंपनियां पहले ही कई तरह की परिचालन चुनौतियों का सामना कर रही हैं।

वहीं, होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी बढ़ती लागत से प्रभावित हो रहा है। कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में ईंधन कीमतों में स्थिरता आएगी।

फिलहाल मंगलवार से लागू हुई नई कीमतों के बाद विमानन और व्यावसायिक क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। ATF और कमर्शियल LPG के दाम बढ़ने से आने वाले दिनों में हवाई किराए और खानपान सेवाओं की कीमतों पर असर देखने को मिल सकता है।

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