Delhi दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने मंगलवार को बताया कि 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए असम, केरल और पुडुचेरी में रिटर्निंग अधिकारियों ने ईवीएम की दूसरी रैंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी कर ली है। आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया ईवीएम मैनेजमेंट सिस्टम (ईएमएस) के जरिए की गई। इसके तहत गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में होने वाले उपचुनावों के लिए भी ईवीएम का दूसरी बार रैंडमाइजेशन किया गया है।
ईसीआई ने कहा कि पहली और दूसरी रैंडमाइजेशन के बाद ईवीएम और वीवीपैट की सूची सभी उम्मीदवारों को उपलब्ध कराई जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया उम्मीदवारों की मौजूदगी में पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई।आयोग के मुताबिक, ईवीएम को दो चरणों में रैंडम तरीके से आवंटित किया जाता है। पहले चरण में जिला स्तर के गोदामों से विधानसभा क्षेत्रों (एसी) को मशीनें दी जाती हैं, जबकि दूसरे चरण में इन्हें विधानसभा क्षेत्र से सीधे मतदान केंद्रों तक आवंटित किया जाता है।
ईसीआई ने यह भी बताया कि तमिलनाडु और वेस्ट बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों तथा अन्य राज्यों के उपचुनावों के लिए भी नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद इसी प्रक्रिया के तहत दूसरी रैंडमाइजेशन की जाएगी।
आयोग के अनुसार, 9 अप्रैल को होने वाले चुनावों में दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव के साथ चार राज्यों में उपचुनाव भी शामिल हैं। कुल 1,955 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि पहले नामांकन दाखिल करने वाले 250 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं।
राज्यों के अनुसार, असम की 126 सीटों पर 722 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। केरल की 140 सीटों पर 890 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि पुड्डुचेरी की 30 सीटों पर 294 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।
उपचुनावों की बात करें तो गोवा की एक सीट पर 3 उम्मीदवार, कर्नाटक की दो सीटों पर 34 उम्मीदवार, जबकि नागालैंड और त्रिपुरा की एक-एक सीट पर 6-6 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।