Delhi दिल्ली: Shahjahanabad Redevelopment Corporation के निदेशक मंडल की 38वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा कि शाहजहानाबाद बोर्ड के कामकाज से जुड़े दस्तावेजों को देखने के बाद उन्हें कई गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि पहले की सरकार जिस परियोजना को अपनी उपलब्धि बताती रही, उसमें भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के कई मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में जिस विकास परियोजना की शुरुआत करीब 65 करोड़ रुपये से हुई थी, उसकी लागत बढ़कर 148 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, लेकिन इसके बावजूद कई काम अधूरे हैं और अब भी अतिरिक्त धन की मांग की जा रही है।
रेखा गुप्ता ने कहा कि पुरानी दिल्ली के विकास के नाम पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया। उन्होंने संकेत दिया कि अब इस पूरे बोर्ड का पुनर्गठन और व्यापक सुधार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार न केवल इस बोर्ड का नाम बदलने पर विचार कर रही है, बल्कि पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक क्षेत्रों के वास्तविक विकास के लिए नई योजनाएं भी लागू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि अब यह बोर्ड पूरी मुस्तैदी से काम करेगा और पुरानी दिल्ली के संरक्षण, बुनियादी ढांचे के सुधार और ऐतिहासिक धरोहरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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