Delhi भगवान राम और भगवान हनुमान के जीवन के प्रसंगों को दर्शाने वाली पेंटिंग प्रदर्शित करने वाली एक कला प्रदर्शनी सोमवार को दिल्ली सचिवालय में शुरू हुई। प्रदर्शनी का आयोजन कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग द्वारा मेघवर्ण आर्ट गैलरी के सहयोग से किया गया है। 'श्री राम, मानवता के मार्गदर्शक' शीर्षक से, यह 30 अक्टूबर तक आगंतुकों के लिए खुला रहेगा।
कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अपने चित्रों के माध्यम से भगवान राम के जीवन और आदर्शों को चित्रित किया है। उन्होंने कहा कि कलाकृतियाँ पहले श्री राम जन्मभूमि पर प्रदर्शित की गई थीं और चल रही प्रदर्शनी से लोगों को भारत की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
मिश्रा ने कहा कि भगवान राम के आदर्श, जिनमें मर्यादा (धार्मिक आचरण और गरिमा) और राष्ट्रधर्म (राष्ट्र के प्रति कर्तव्य) शामिल हैं, भारत की सांस्कृतिक परंपराओं के अभिन्न अंग थे। उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं और आस्था का सम्मान करते हुए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन उत्साह के साथ किया जाना चाहिए। प्रदर्शनी में भगवान राम की जीवन यात्रा, उनके वनवास के प्रसंग और रामायण के महत्वपूर्ण दृश्यों को दर्शाने वाली पेंटिंग शामिल हैं। इसमें भगवान हनुमान को चित्रित करने वाली कलाकृतियाँ भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भाग लेने वाले कलाकारों को बधाई दी और कला के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक परंपराओं को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने दुर्गा नवमी के अवसर पर भी शुभकामनाएं दीं और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। कार्यक्रम में कला एवं संस्कृति में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्रोत्साहित करते हुए भगवान राम के जीवन से जुड़े मूल्यों को बढ़ावा देना है, जिसमें सत्य, गरिमा, त्याग, करुणा और कर्तव्य के प्रति समर्पण शामिल है। दिल्ली में चल रहे दुर्गा पूजा समारोह का जिक्र करते हुए मिश्रा ने कहा कि राजधानी भर में समितियां उत्साह के साथ उत्सव का आयोजन कर रही हैं।
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