दिल्ली में कला और विरासत का संगम, इंडिया बिएनाले 2026 की तारीखें घोषित
दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक बनेंगे कला का मंच
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कला, वास्तुकला और डिजाइन का व्यापक आयोजन ‘इंडिया बिएनाले 2026’ चार दिसंबर से शुरू होगा। संस्कृति मंत्रालय की पहल पर आयोजित यह उत्सव 21 मार्च 2027 तक चलेगा। लगभग 108 दिनों के दौरान दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारक, संग्रहालय, दीर्घाएं और सार्वजनिक स्थल कला प्रदर्शनियों तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के साझा मंच बनेंगे। जंतर-मंतर भी आयोजन के प्रमुख स्थलों में शामिल होगा। इस बार कार्यक्रम की अवधारणा किसी एक परिसर तक सीमित रहने के बजाय शहर के विभिन्न स्थानों को आपस में जोड़ने की है।
यह इंडिया आर्ट, आर्किटेक्चर एंड डिजाइन बिएनाले का दूसरा संस्करण है। पहला संस्करण वर्ष 2023 में आयोजित किया गया था। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, नया संस्करण कलाकारों, क्यूरेटरों, वास्तुकारों, डिजाइनरों, कला दीर्घाओं और सांस्कृतिक संस्थानों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा। इसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी के माध्यम से प्रदर्शनियों और अन्य प्रस्तुतियों को विकसित किया जाएगा। दिल्ली की विरासत को समकालीन रचनात्मक अभिव्यक्ति के साथ जोड़ना आयोजन की प्रमुख विशेषता होगी।
बिएनाले की विषयवस्तु ‘तत् त्वम् असि’, यानी ‘You Are That’ रखी गई है। उपनिषदों से लिए गए इस विचार के माध्यम से व्यक्ति, समाज, स्मृति और स्थान के बीच संबंधों को सामने लाने की कोशिश की जाएगी। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, आयोजन दर्शकों को ठहरकर देखने, अनुभव करने और कला के माध्यम से अपने आसपास की दुनिया से जुड़ने का अवसर देना चाहता है। विभिन्न स्थलों की प्रस्तुतियां इसी व्यापक विचार के अंतर्गत विकसित होंगी।
जंतर-मंतर की भागीदारी आयोजन को विशेष पहचान देगी। ऐतिहासिक वेधशाला का स्थापत्य और उसकी वैज्ञानिक विरासत कला तथा डिजाइन से जुड़े संवाद के लिए अलग पृष्ठभूमि उपलब्ध कराएंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इसे बिएनाले के प्रमुख स्थलों में चुना गया है। राजधानी के एक दर्जन से अधिक स्मारकों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रदर्शनियां तथा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
संस्कृति मंत्रालय ने कलाकारों और सहयोगी संस्थानों को विभिन्न विरासत स्थलों तथा संस्थागत परिसरों में से अपनी प्रस्तुति के अनुरूप स्थान चुनने का अवसर दिया है। प्रतिभागी निर्धारित विषय से जुड़ते हुए अपनी प्रदर्शनी, मंडप या कलाकृति की अवधारणा तैयार करेंगे। मंत्रालय स्थल उपलब्ध कराने, प्रचार और आयोजन की साझा पहचान विकसित करने में सहयोग करेगा। इस व्यवस्था से अलग-अलग प्रस्तुतियों को पूरे शहर में फैले एक सांस्कृतिक आयोजन के रूप में जोड़ने का प्रयास होगा।
आधिकारिक प्रदर्शनी सूची में पुराना किला, हुमायूं का मकबरा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, महरौली, फिरोजशाह कोटला और इंडिया हैबिटेट सेंटर जैसे स्थल शामिल हैं। पुराने किले में वास्तुकला और सार्वजनिक कला से संबंधित प्रस्तुतियां सूचीबद्ध हैं। वहीं, अन्य स्थानों पर संस्थानों और रचनात्मक समूहों की अलग-अलग प्रदर्शनियां प्रस्तावित हैं। प्रत्येक प्रदर्शनी की अवधि पूरे बिएनाले की अवधि के समान नहीं होगी; कुछ कार्यक्रम सीमित दिनों के लिए आयोजित किए जाएंगे।
प्रदर्शनियों के साथ संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दर्शकों को आकर्षित करेंगी। आधिकारिक कार्यक्रम सूची में कुतुब मीनार और सफदरजंग के मकबरे पर संगीत कार्यक्रम दर्ज हैं। चार दिसंबर की शाम सफदरजंग के मकबरे पर आद्यम हैंडवोवन की ‘कल्चर बियॉन्ड टेक्सटाइल्स’ प्रस्तुति सूचीबद्ध है। इसके अतिरिक्त सरोद, सूफी संगीत और गजल से जुड़े कार्यक्रम भी अलग-अलग तारीखों पर प्रस्तावित हैं।
कार्यक्रम सूची में कुछ संबद्ध गतिविधियों की तारीखें मुख्य उद्घाटन से पहले की भी हैं। उदाहरण के लिए, पुराने किले की कुछ प्रदर्शनियां 15 नवंबर से और कुतुब मीनार के कुछ संगीत कार्यक्रम 28 नवंबर को सूचीबद्ध हैं। इसलिए आयोजन में जाने वाले दर्शकों के लिए संबंधित प्रदर्शनी या प्रस्तुति की व्यक्तिगत समय-सारिणी देखना उपयोगी होगा। मुख्य बिएनाले की घोषित अवधि चार दिसंबर 2026 से 21 मार्च 2027 तक है।
दिल्ली के लिए यह आयोजन विरासत स्थलों को नए सांस्कृतिक अनुभवों से जोड़ने का अवसर होगा। कला प्रेमियों के साथ वास्तुकला और डिजाइन में रुचि रखने वाले दर्शक भी अलग-अलग परिसरों में प्रस्तुतियां देख सकेंगे। स्थल, कार्यक्रम, तारीख और प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए इंडिया बिएनाले की आधिकारिक वेबसाइट पर विवरण उपलब्ध कराया गया है।