GST काउंसिल की 57वीं बैठक आज, निर्मला सीतारमण करेंगी अध्यक्षता
GST सुधारों पर होगी चर्चा
नई दिल्ली: देश की वस्तु एवं सेवा कर (GST) प्रणाली में सुधारों को लेकर आज गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक आयोजित की जाएगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्री और प्रतिनिधि शामिल होंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भी बैठक में भाग लेने का कार्यक्रम है। बैठक में टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने, कारोबारियों की परेशानियों को दूर करने और जीएसटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। जीएसटी काउंसिल सचिवालय की ओर से जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, बैठक सुबह 11 बजे से नई दिल्ली के भारत मंडपम स्थित समिट रूम में शुरू होगी। पहले यह बैठक 7 अक्टूबर को निर्धारित की गई थी, लेकिन अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण इसकी तारीख बदलकर 8 अक्टूबर कर दी गई।इस बैठक में केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधि जीएसटी कानून से संबंधित प्रशासनिक सुधारों पर विचार करेंगे। विशेष रूप से करदाताओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान बनाने, रिफंड जारी करने में लगने वाला समय कम करने और इनपुट टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर चर्चा की संभावना है।
बैठक का एक प्रमुख विषय जीएसटी अधिकारियों को प्राप्त गिरफ्तारी संबंधी अधिकारों में बदलाव का प्रस्ताव भी है। इस प्रस्ताव के तहत कर संबंधी अपराधों के मामलों में गिरफ्तारी के प्रावधानों की समीक्षा की जा सकती है। हालांकि, इस मुद्दे पर राज्यों के बीच अलग-अलग मत सामने आए हैं। कई राज्यों ने कर चोरी रोकने के लिए मौजूदा अधिकार बनाए रखने की आवश्यकता जताई है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की भागीदारी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वह वाहन से संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट में विशेष छूट की मांग उठा सकते हैं। इस मुद्दे से जुड़े प्रस्तावों पर परिषद में चर्चा होने की संभावना है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का नाम भी इस बैठक को लेकर चर्चा में है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी है। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क जीएसटी परिषद में राज्य के नामित प्रतिनिधि हैं। कारोबारियों के लिए जीएसटी रिटर्न दाखिल करने और टैक्स रिफंड प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाना बैठक का महत्वपूर्ण विषय रहेगा। प्रस्तावों में स्वचालित रजिस्ट्रेशन, तेज रिफंड और अनावश्यक टैक्स नोटिस कम करने जैसे उपाय शामिल हैं। इन बदलावों का उद्देश्य करदाताओं पर अनुपालन संबंधी बोझ घटाना है।
इस बार बैठक का प्रमुख ध्यान टैक्स दरों में बदलाव के बजाय प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार पर रहने की संभावना है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं के लिए वस्तुओं की कीमतों में तत्काल बदलाव की घोषणा अपेक्षित नहीं है। जीएसटी काउंसिल केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अप्रत्यक्ष कर संबंधी निर्णय लेने वाली प्रमुख संवैधानिक संस्था है। परिषद में होने वाली चर्चा का असर देश की कर व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और करदाताओं की प्रक्रियाओं पर पड़ता है। आज की बैठक में प्रस्तावों पर विचार के बाद लिए जाने वाले निर्णयों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा। फिलहाल संभावित बदलावों को अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।