दिल्ली : सोमवार को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस प्रारंभिक मतदाता सूची में शहर के कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से करीब 47.7 लाख लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा पेश कर सकते हैं।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए पात्र लोग 30 सितंबर तक फॉर्म-6 और जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी।

30 सितंबर तक कर सकेंगे दावा

चुनाव अधिकारी के अनुसार, जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। वे तय समय सीमा के भीतर अपना दावा दर्ज करा सकते हैं।

इसके लिए मतदाताओं को फॉर्म-6 भरना होगा और अपनी पात्रता साबित करने वाले आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।

अधिकारियों ने बताया कि सभी दावों और आपत्तियों की जांच के बाद ही अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी।

4 नवंबर को जारी होगी अंतिम सूची

चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, दावे और आपत्तियों की जांच की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी।

इस दौरान प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों को नोटिस भी जारी किए जा सकते हैं।

सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी।

ड्राफ्ट सूची में 97.5 लाख मतदाता शामिल

अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 97.5 लाख मतदाताओं को शामिल किया गया है।

इन मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म घर-घर जाकर किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) अभियान के तहत प्राप्त हुए थे।

इन फॉर्मों को डिजिटाइज करने के बाद ड्राफ्ट सूची तैयार की गई है।

30 जून से शुरू हुआ था अभियान

मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत 30 जून को की गई थी। यह अभियान 17 अगस्त तक चला।

इस दौरान चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं से जानकारी जुटाई और रिकॉर्ड को अपडेट किया।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना बताया गया है।

नाम हटने के कारणों की होगी जांच

ड्राफ्ट सूची से बड़ी संख्या में नाम शामिल नहीं होने के बाद अब चुनाव अधिकारियों की नजर दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पर रहेगी।

कई बार मतदाता के स्थान परिवर्तन, दस्तावेजों की कमी, मृत्यु या अन्य कारणों से नाम सूची में शामिल नहीं हो पाते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि पात्र मतदाताओं को मौका दिया जाएगा कि वे जरूरी प्रक्रिया पूरी कर अपना नाम जुड़वा सकें।

मतदाताओं से दस्तावेज तैयार रखने की अपील

चुनाव अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर आवेदन करें और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं।

मतदाता सूची में नाम होना चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए जरूरी है, इसलिए सभी पात्र नागरिकों को इसकी जांच कर लेनी चाहिए।

राजनीतिक दलों की भी नजर

दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद राजनीतिक दलों की भी नजर इस प्रक्रिया पर है।

मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम शामिल नहीं होने का मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है।

दल अपने स्तर पर भी कार्यकर्ताओं के माध्यम से मतदाताओं की सूची की समीक्षा कर सकते हैं।

अंतिम सूची के बाद साफ होगी स्थिति

फिलहाल जारी की गई सूची अंतिम नहीं है। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

चुनाव आयोग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी, ताकि सभी योग्य नागरिकों को मतदान का अधिकार मिल सके।

दिल्ली में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अब अगले चरण में मतदाताओं के दावे और आपत्तियों की जांच होगी। 4 नवंबर को जारी होने वाली अंतिम सूची से ही स्पष्ट होगा कि कितने नए नाम जुड़े और कितने नाम हटाए गए।

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