इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के सांवेर इलाके में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। जर्जर इमारत को गिराने के दौरान अचानक दीवार गिरने से चार महिला मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया।
घटना सांवेर क्षेत्र में टशन स्क्वायर के पास बुधवार शाम करीब 4 बजे हुई। हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। राहत और बचाव कार्य शुरू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
जर्जर मकान तोड़ने के दौरान हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, मजदूर एक पुराने और असुरक्षित मकान को गिराने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बगल वाले मकान की एक दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार के मलबे में कई मजदूर दब गए।
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने की कोशिश की। कुछ देर बाद पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और राहत कार्य को आगे बढ़ाया।
सांवेर के DSP उमाकांत चौधरी ने बताया कि घटना शाम करीब 4 बजे की है। उन्होंने बताया कि हादसे में चार महिला मजदूरों की मौत हुई है, जबकि पांच अन्य घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
चार महिला मजदूरों की गई जान
हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान सांवेर निवासी रीना (30), सीमा (33), चंदा बाई (30) और कायस्थखेड़ी कंकड़ गांव की रहने वाली सुशीला बाई (50) के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि ये सभी महिलाएं मजदूरी का काम कर रही थीं और जर्जर मकान को गिराने की प्रक्रिया में शामिल थीं। अचानक हुए हादसे ने परिवारों पर दुखों का पहाड़ ला दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतकों के परिजन मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। स्थानीय लोगों ने बताया कि मजदूर रोज की तरह काम करने पहुंचे थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह काम इतना भयावह हादसे में बदल जाएगा।
प्रशासन ने शुरू की जांच
हादसे के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि जर्जर मकान को गिराने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
पुरानी और कमजोर इमारतों को तोड़ने के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए जाते हैं, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। प्रशासन अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि हादसा किस वजह से हुआ और इसमें किसी तरह की लापरवाही तो नहीं बरती गई।
घायल मजदूरों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में घायल हुए पांच मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। प्रशासन की ओर से घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए कहा।
पहले भी सामने आते रहे हैं ऐसे हादसे
जर्जर इमारतों को गिराने या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा में कमी के कारण कई बार गंभीर हादसे सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पुराने भवनों को गिराने से पहले तकनीकी जांच और सुरक्षा इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं। मजदूरों को भी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि जोखिम को कम किया जा सके।
इंदौर के सांवेर में हुए इस हादसे ने एक बार फिर जर्जर इमारतों को लेकर सतर्कता और मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन मामले की जांच में जुटा है और मृतकों के परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है।