नोएडा: शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाकचौबंद बनाने के लिए 2700 से अधिक अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम अक्तूबर से शुरू होने की उम्मीद है. कैमरे लगने के बाद घटना के संबंध में रियल टाइम जानकारी मिलेगी. ड्रोन कैमरे से भी शहर की निगरानी की जाएगी. इसका कंट्रोल रूम प्राधिकरण दफ्तर में होगा.

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण इस काम को करने के लिए आगे आईं कंपनियों के 700 से अधिक सवालों का जवाब देने के बाद रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुट गया है. इसमें आईआईटी दिल्ली की मदद भी ली जाएगी. इसके अलावा आर्थिक बिड खोले जाने की तैयारी चल रही है. प्रदेश सरकार की सेफ सिटी परियोजना, इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) और निर्भया योजना के तहत शहर के सभी प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं. इसकी मदद से बदमाशों के अलावा यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी. प्राधिकरण इस योजना पर पिछले कई माह से काम कर रहा है. निविदा जारी करने, संवेदनशील स्थान चिह्नित करने समेत अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं.

शहर में होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सभी औद्योगिक और आवासीय सेक्टरों के अलावा परी चौक, एलजी गोलचक्कर, अमृतपुरम, सेक्टर पी-3, सूरजपुर, इंट्री प्वाइंट समेत सभी गोलचक्कर और बाजारों में 360 स्थान चिह्नित किए गए हैं. इन स्थानों पर 2739 कैमरे लगाए जाने हैं. प्राधिकरण के मुताबिक पुलिस की मदद से ऐसे स्थानों को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है, जो क्राइम और यातायात नियमों का उल्लंघन करने के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं.

शहर में कई जगह पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नहीं दिखती. ऐसे में वाहन चालकों द्वारा यातायात के नियमों का उल्लंघन किया जाता है. ऐसे लोग कैमरे में कैद हो जाएंगे और ई-चालान का मैसेज मोबाइल पर पहुंच जाएगा.

आरडब्ल्यूए में लगे कैमरे भी कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे: शहर के विभिन्न आवासीय सेक्टरों में आरडब्ल्यूए और औद्योगक सेक्टरों में उद्यमियों द्वारा पहले से लगाए गए कैमरों को भी कंट्रोल रूम से कनेक्ट किया जाएगा.

सेफ सिटी परियोजना के तहत शहर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है. अक्तूबर में काम शुरू कर दिया जाएगा.

-प्रेरणा सिंह, एसीईओ ग्रेनो

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