YouTube पर अब अपनी पसंद की अलग फीड, Custom Feeds में लिखनी होगी फरमाइश
YouTube में प्रॉम्प्ट से तैयार होगी कस्टम फीड
नई दिल्ली: YouTube पर अपनी पसंद के वीडियो ढूंढने के लिए अब यूजर्स को एक नया विकल्प मिल रहा है। कंपनी का ‘Custom Feeds’ फीचर दर्शकों को सामान्य भाषा में अपनी पसंद बताकर अलग वीडियो फीड तैयार करने की सुविधा देता है। यूजर लिख सकता है कि उसे किस विषय, दिनचर्या या मूड से जुड़े वीडियो देखने हैं। उसी अनुरोध के आधार पर वीडियो सुझावों की एक समर्पित फीड बनती है, जिसे होम पेज से दोबारा खोला जा सकता है। कंपनी ने सितंबर 2026 के अपने कार्यक्रम में इस सुविधा की घोषणा की थी।
इस फीचर का उद्देश्य दर्शकों को अपनी रुचि के वीडियो तक पहुंचने के लिए ज्यादा सीधा तरीका देना है। उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति शाम को लंबी डॉक्यूमेंट्री देखना चाहता है, जबकि सुबह उसे योग से जुड़े वीडियो चाहिए। ऐसी अलग जरूरतों के लिए अलग फीड रखने की सुविधा उपयोगी हो सकती है। यहां प्रॉम्प्ट का मतलब एक लिखित निर्देश है, जिसमें यूजर बताता है कि वह किस तरह की सामग्री देखना चाहता है।
वीडियो बनेंगे नहीं, सुझावों की फीड तैयार होगी
Custom Feeds को समझते समय एक अंतर स्पष्ट रखना जरूरी है। यह फीचर प्रॉम्प्ट लिखने पर नया वीडियो बनाकर नहीं देता। यह प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध वीडियो में से अनुरोध के अनुरूप सुझाव प्रस्तुत करता है। इसलिए ‘एक प्रॉम्प्ट और मनपसंद वीडियो’ का अर्थ पसंद के अनुसार खोज और सुझाव पाने की सुविधा है। हर सुझाव बिल्कुल सटीक होगा, इसकी गारंटी नहीं है; अनुरोध सही नहीं समझे जाने पर फीडबैक देने का विकल्प भी मौजूद है।
मान लीजिए किसी दर्शक को खाना बनाने के शुरुआती तरीके सीखने हैं। वह केवल ‘कुकिंग’ लिखने के बजाय अपनी जरूरत विस्तार से बता सकता है—जैसे कम सामग्री में बनने वाले आसान नाश्ते। यह एक उदाहरण है, किसी खास परिणाम का दावा नहीं। इसी तरह तकनीक सीखने वाला व्यक्ति शुरुआती स्तर, अपनी रुचि का विषय और उपलब्ध समय स्पष्ट कर सकता है। निर्देश जितना साफ होगा, परिणाम का मूल्यांकन करना भी उतना आसान रहेगा।
कैसे तैयार की जा सकती है कस्टम फीड?
पात्र यूजर्स अपने अकाउंट में साइन इन करके होम टैब पर उपलब्ध Custom Feed विकल्प खोल सकते हैं। इसके बाद टेक्स्ट बॉक्स में अपनी पसंद लिखनी होती है या सुझाए गए प्रॉम्प्ट में से कोई विकल्प चुना जा सकता है। अनुरोध सबमिट करने पर संबंधित फीड तैयार होती है। बाद में जरूरत बदलने पर मौजूदा फीड का प्रॉम्प्ट संपादित किया जा सकता है।
मिसाल के तौर पर, पढ़ाई के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली फीड और खाली समय में मनोरंजन के लिए बनाई गई फीड की जरूरत अलग होगी। दर्शक पहले यह तय कर सकता है कि उसे किसी विषय की बुनियादी जानकारी चाहिए, विस्तृत समझ चाहिए या केवल हल्की सामग्री देखनी है। इससे अपनी पसंद को शब्दों में बताना आसान होगा। फीड तैयार होने के बाद दिख रहे वीडियो देखकर निर्देश में जरूरी बदलाव किया जा सकता है।
फ्री यूजर्स और प्रीमियम सदस्यों में क्या अंतर?
YouTube की नवीनतम सहायता जानकारी के अनुसार, सामान्य अकाउंट वाले यूजर्स एक समय में अधिकतम तीन कस्टम फीड रख सकते हैं। प्रीमियम सदस्य अधिकतम आठ फीड रख सकेंगे। किसी फीड के प्रॉम्प्ट का 30 दिनों तक इस्तेमाल नहीं होने पर वह समाप्त हो सकता है। ऐसी स्थिति में नई फीड बनाने के लिए दोबारा प्रॉम्प्ट देना होगा।
अलग-अलग फीड सहेजने का व्यावहारिक लाभ बार-बार समान जरूरत लिखने की मेहनत कम होना है। काम से जुड़ी सामग्री, किसी शौक और आराम के समय के लिए अलग जगह रखने से दर्शक अपने इस्तेमाल को व्यवस्थित कर सकता है। हालांकि, तीन या आठ फीड की सीमा उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं कि हर यूजर को इतनी फीड बनानी ही चाहिए। जितनी जरूरत हो, उतनी फीड रखना पर्याप्त हो सकता है।
भारत में कब मिलेगा यह फीचर?
आधिकारिक सहायता पेज के अनुसार, फिलहाल यह सुविधा अमेरिका में अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। इस्तेमाल के लिए अकाउंट में साइन इन होना, वॉच और सर्च हिस्ट्री चालू रखना तथा डिवाइस की YouTube भाषा अंग्रेजी होना जरूरी है। सहायता पेज पर टैबलेट में इसकी उपलब्धता नहीं होने का भी उल्लेख है। भारत में व्यापक उपलब्धता की निश्चित तारीख की पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए भारत में किसी अकाउंट पर विकल्प नहीं दिखाई देने को तुरंत तकनीकी खराबी नहीं समझना चाहिए। ऐप अपडेट होना और किसी फीचर के लिए अकाउंट का पात्र होना अलग बातें हैं। केवल भाषा बदल देने से भौगोलिक उपलब्धता की शर्त पूरी होने का निष्कर्ष भी नहीं निकाला जा सकता। भारतीय दर्शकों को अपने अकाउंट में उपलब्ध विकल्प और कंपनी की अगली घोषणा देखनी होगी।
सामान्य होम फीड पर भी पड़ सकता है असर
कस्टम फीड निजी होती है और दूसरे दर्शक उसे खोजकर नहीं खोल सकते। हालांकि, उससे देखे गए वीडियो सामान्य वॉच हिस्ट्री में जुड़ते हैं और मुख्य होम पेज के सुझावों को प्रभावित कर सकते हैं। फीड रीफ्रेश करने पर कुछ सुझाव बदल सकते हैं। क्रिएटर्स के लिए इन वीडियो पर मिलने वाला वॉच टाइम और सामान्य मोनेटाइजेशन पहले की तरह गिना जाएगा।