Google Pay, PhonePe और Paytm से पैसे भेजना होगा महंगा?
डिजिटल पेमेंट पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क?
नई दिल्ली: भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप के जरिए करोड़ों लोग रोजाना पैसे भेजते हैं और खरीदारी करते हैं। इस बीच मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी MDR को लेकर चर्चा ने आम उपभोक्ताओं के मन में सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या आने वाले समय में UPI से भुगतान करने पर अतिरिक्त पैसे देने होंगे?
MDR दरअसल वह शुल्क होता है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले व्यापारी से भुगतान सेवाओं के बदले लिया जा सकता है। इस शुल्क का संबंध पेमेंट प्रोसेसिंग और संबंधित सेवा प्रदाताओं से होता है। हालांकि, MDR और ग्राहकों से सीधे वसूले जाने वाले ट्रांजैक्शन शुल्क में अंतर है। इसलिए MDR लागू होने या उसकी दर बदलने का मतलब यह नहीं है कि प्रत्येक ग्राहक को UPI से पैसे भेजने पर शुल्क देना पड़ेगा।
भारत में सामान्य बैंक खाते से बैंक खाते में किए जाने वाले UPI भुगतान पर शून्य MDR की व्यवस्था रही है। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और छोटे व्यापारियों को इलेक्ट्रॉनिक भुगतान स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस व्यवस्था के कारण ग्राहक और व्यापारी दोनों को डिजिटल लेनदेन करने में सुविधा मिली है। Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप मुख्य रूप से UPI भुगतान करने का माध्यम उपलब्ध कराते हैं। इन ऐप से बैंक खाते के जरिए किसी दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजना और किसी दुकान पर QR कोड स्कैन करके भुगतान करना सामान्य UPI लेनदेन की श्रेणी में आता है। ऐसे भुगतान और क्रेडिट कार्ड या प्रीपेड वॉलेट के जरिए किए जाने वाले भुगतान के नियम अलग-अलग हो सकते हैं।
नई व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाने का प्रावधान सामने आया है। इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये निर्धारित बताई गई है। उदाहरण के लिए, पात्र व्यापारी को 5,000 रुपये का UPI भुगतान मिलने पर 20 रुपये MDR देना पड़ सकता है। इसी तरह 10,000 रुपये के पात्र भुगतान पर 40 रुपये शुल्क बनता है। यह शुल्क ग्राहक से सीधे वसूलने के लिए नहीं है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। यानी कोई व्यक्ति अपने दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को 5,000 रुपये, 10,000 रुपये या इससे अधिक रकम भेजता है, तो नए MDR नियम के कारण उससे अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, व्यापारियों को किए जाने वाले 2,000 रुपये तक के भुगतान और शून्य MDR व्यवस्था में शामिल छोटे व्यापारियों के लेनदेन भी शुल्क मुक्त रहेंगे। सरकार का कहना है कि लगभग 96 प्रतिशत व्यापारी UPI लेनदेन इस बदलाव से प्रभावित नहीं होंगे।
हालांकि, नए MDR नियम को लागू करने की तारीख को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। पहले इसे 15 अक्टूबर 2026 से लागू करने की योजना थी, लेकिन अब इसे जनवरी 2027 तक टालने पर विचार किया जा रहा है। त्योहारी सीजन में व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव और भुगतान व्यवस्था में बदलाव की तैयारियों को देखते हुए यह संभावना जताई गई है। फिलहाल स्थगन को अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता।