Mumbai मुंबई : भारतीय निर्यात पर भारी टैरिफ लगाने के अमेरिका के हालिया फैसले ने रोजगार बाजार में चिंताएँ बढ़ा दी हैं। कुछ विशेषज्ञ जहाँ भारी संख्या में नौकरियों के नुकसान की चेतावनी दे रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि भारत की घरेलू माँग और नए व्यापार समझौते इस झटके को कम करने में मदद करेंगे।
जीनियस एचआरटेक के संस्थापक और अध्यक्ष आर पी यादव के अनुसार, अगर टैरिफ व्यवस्था छह महीने से ज़्यादा समय तक जारी रहती है, तो लगभग 2-3 लाख नौकरियाँ खतरे में पड़ सकती हैं। कपड़ा जैसे श्रम-प्रधान उद्योगों में लगभग 1 लाख नौकरियाँ जा सकती हैं, जबकि सूरत और मुंबई के रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को भी भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि एमएसएमई को सबसे ज़्यादा नुकसान होगा क्योंकि वे निर्यात पर बहुत अधिक निर्भर हैं।