आने वाले दिनों में Cryptocurrency का भविष्य कैसा होगा, इसको लेकर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है. हालांकि पिछले कुछ समय से जिस तरह के डेवलपमेंट्स हुए हैं, उसे देखकर लगता है कि सेंट्रल बैंकों के रेग्युलेटरी वाली डिजिटल करेंसी और क्रिप्टोकरेंसी के बीच एक तगड़ा कॉम्पिटिशन दिखेगा. यह कॉम्पिटिशन होगा इंटरनेट करेंसी की दुनिया पर राज करने के लिए. इस कॉम्पिटिशन में एक तरफ बिटक्वॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी होगी जिसका समर्थन पूरा पश्चिमी देश और वहां के उद्योगपति कर रहे हैं. दूसरी तरफ भारत और चीन का सेंट्रल बैंक होगा जो खुद की डिजिटल करेंसी लाने की तैयारी में है.


दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Twitter के सीईओ जैक डोर्सी (Jack Dorsey Bitcoin trust) ने रैपर जे-जेड के साथ मिलकर एक बिटक्वॉइन डेवलपमेंट ट्रस्ट (₿trust) बनाने का ऐलान किया है. यह डेवलपमेंट ट्रस्ट भारत और अफ्रीका में काम करने वाली टीमों के लिए होगा, जिसमें 500 बिटक्वॉइन (लगभग 174 करोड़ रुपए) का निवेश किया जाएगा. ट्विटर के सीईओ ने कहा, "जे-जेड और मैं बीट्रस्ट को बिटक्वॉइन डेवलपमेंट को फंड देने के लिए 500 Bitcoin दे रहे हैं, जो कि शुरू में अफ्रीका और भारत में टीमों पर ध्यान केंद्रित करेगा." डोर्सी ने बताया कि उन्होंने इस ट्रस्ट को शुरू करने और इसकी देखरेख के लिए बोर्ड के तीन सदस्यों की जरूरत होगी. इसके लिए आवेदन भी मांगे गए हैं.

बिटक्वॉइन समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भारी उछाल
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब पिछले कुछ महीनों में बिटक्वॉइन का मूल्य काफी बढ़ा है, जिसने नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं. कॉइनडेस्क के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में बिटक्वॉइन की कीमत 48,925.53 डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गई है. हालांकि, भारत में निजी क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य अभी भी अनिश्चित है, क्योंकि ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि देश सभी निजी क्रिप्टोकरेंसी को प्रतिबंधित करने के लिए एक विधेयक पेश करने की योजना बना रहा है. हालांकि बिटक्वॉइन के प्रति डोर्सी का जुनून देखने लायक है और वह इस पर खूब भरोसा भी करते हैं. उन्होंने इससे पहले कहा था कि उनके लिए बिटक्वॉइन कविता की तरह है और वह बिटक्वॉइन को लेकर दुनिया में एक बड़ा परिवर्तन लाने के लिए पर्याप्त अवसर देखते हैं.



पश्चिमी देशों के कई उद्योगपति समर्थन में आए
बता दें कि बिटक्वॉइन के समर्थन में वेस्ट कंट्रीज के कई बड़े-बड़े उद्योगपति सामने आए हैं. दुनिया के सबसे अमीर एलन मस्क की कंपनी टेस्ला ने बिटक्वॉइन मे 1.5 अरब डॉलर का भारी भरकम निवेश किया है. टेस्ला ने तो यहां तक कहा कि वह आने वाले दिनों में बिटक्वॉइन में पेमेंट भी लेगा. उसके अलावा मास्टर कार्ड और पे पल (MasterCard and PayPal) ने भी इसका समर्थन किया है.

RBI भी डिजिटल करेंसी लाने पर कर रहा है काम
भारत और चीन के सेंट्रल बैंक खुद अपनी डिजिटल करेंसी लाने की दिशा में काम कर रहा है. इस सप्ताह केंद्र सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर राज्यसभा में बड़ा बयान दिया है. वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने राज्यसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार एक क्रिप्टोकरेंसी बिल को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है. इसे बहुत जल्द मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा. इसके अलावा RBI ने अपनी पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम इन इंडिया रिपोर्ट में भी कहा था कि वह डिजिटल करेंसी की दिशा में काम कर रही है.

भारत और चीन सेंट्रल बैंकों की डिजिटल करेंसी का पक्षधर
इसके अलावा चाइनीज सेंट्रल बैंक भी डिजिटल करेंसी की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. चीन के सेंट्रल बैंक, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने डिजिटल युआन (Digital Yuan) के ट्रायल की मंजूरी दी है. फिलहाल पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने Digital Yuan या डिजिटल करेंसी इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट (DCEP) को शंघाई में ट्रायल की मंजूरी दी है. डिजिटल करेंसी चीन का बेहद ही महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है. क्रिप्टोकरेंसी के बाजार में आई तेजी, खासकर बिटक्वॉइन में ऐतिहासिक उछाल के बाद सरकार की तरफ से लिया गया यह बड़ा फैसला है. इस तरह भारत और चीन दोनों डिजिटल करेंसी की दिशा में तेजी से काम कर रहा है, लेकिन वह सेंट्रल बैंक को रेग्युलेशन वाली करेंसी का पक्षधर है.


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