जनता से रिश्ता वेबडेस्क। वोडाफोन आइडिया के लिए इस समय कहीं से भी अच्छी खबर नहीं आ रही है. ताजा मामला डुप्लीकेट सिम को लेकर है जिसके कारण राजस्थान इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कंपनी से कहा कि वह अपने एक ग्राहक को 28 लाख रुपए का भुगतान करे. कंपनी को यह भुगतान अगले एक महीने के भीतर करना है, ऐसा नहीं करने पर 10 पर्सेंट का इंट्रेस्ट भी चुकाना होगा.

पूरा मामला डुप्लीकेट सिम जारी करने को लेकर है. इसकी मदद से उस कस्टमर के बैंक अकाउंट से 68.5 लाख रुपए का फ्रॉड हो गया. राजस्थान निवासी भानू प्रताप को वोडाफोन आइडिया ने एक सिम जारी किया जो किसी और कस्टमर का था. सिम जारी करने को लेकर कंपनी की तरफ से प्रॉपर वेरिफिकेशन नहीं किया गया था. भानू प्रताप ने डुप्लीकेट सिम की मदद से उस कस्टमर के IDBI बैंक अकाउंट से से 68.50 लाख रुपए उड़ा लिए. बाद में उसने पीड़ित को 44 लाख लौटा भी दिए. बाकी पैसे अभी तक पीड़ित ग्राहक को नहीं मिले हैं.
जानिए क्या है यह मामला
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कृष्ण लाल नयन का वोडाफोन आइडिया का नंबर अचानक से काम करना बंद कर दिया. 25 मई 2017 को वह इसकी शिकायत करने कंपनी के हनुमानगढ़ स्टोर पहुंचे. बाद में उन्हें नया नंबर जारी कर दिया गया, लेकिन वह नंबर लगातार इन-एक्टिव रहा. वे इसकी लगातार शिकायत भी करते रहे. बाद में वे अपनी शिकायत लेकर जयपुर पहुंचे और वहां उनकी समस्या का हल हो गया. इस दौरान भानू प्रताप ने डुप्लीकेट सिम होने के कारण ओटीपी की मदद से कृष्ण लाल के अकाउंट से 68.50 लाख रुपए अपने अकाउंट पर ट्रांसफर कर लिए थे.
पीड़ित को 44 लाख मिल चुके हैं
भानू प्रताप ने बाद में कृष्ण लाल को 44 लाख रुपए लौटा दिए लेकिन 24.50 लाख रुपए नहीं लौटाए. राजस्थान इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा कि प्रॉपर वेरिफिकेशन के अभाव में किसी कस्टमर को नया सिम जारी करना गलत है. इसके अलावा सिम एक्टिवेशन में देरी करना गंभीर मामला है. ऐसे में कंपनी को पीड़ित कस्टमर (कृष्ण लाल) को बकाए का भुगतान करना होगा. यह राशि करीब 28 लाख रुपए है जिसमें इंट्रेस्ट शामिल है.


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