World वर्ल्ड: रूस और चीन "Power of Siberia-2" नामक नए गैस पाइपलाइन के निर्माण को लेकर "सक्रिय वार्ता" के चरण में हैं, जो रूस से मंगोलिया होते हुए चीन तक प्राकृतिक गैस पहुंचाएगा। हालांकि, रूस के ऊर्जा मंत्री सर्गेई त्सिविलेव के अनुसार, अगले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच कोई समझौता होने की संभावना नहीं है।

रूस और चीन ने वर्षों से इस परियोजना पर विचार किया है, जो हर साल 50 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस चीन को भेजेगी। हालांकि, अब तक गैस आपूर्ति के शर्तों पर दोनों पक्षों में कोई समझौता नहीं हो पाया है। रूसी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कंपनियां अब भी अनुबंध पर काम कर रही हैं, लेकिन यह संभावना नहीं है कि वे 9 मई से पहले समझौता कर पाएंगी

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