शेयर एक्सचेंजों बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने निवेशकों से 300 से अधिक 'गतिहीन' शेयरों में कारोबार करते समय सावधानी बरतने को कहा है। 'इलिक्विड' (गतिहीन) शेयर ऐसे शेयर होते हैं, जिनका कारोबार सीमित होता है जिसकी वजह से उन्हें आसानी से बेचा नहीं जा सकता। निवेशकों के लिए ऐसे शेयरों में कारोबार जोखिम भरा होता है क्योंकि इनके लिए खरीदार मिलना मुश्किल होता है।

बीएसई और एनएसई दोनों ने इस बारे में सर्कुलर जारी करते हुए सदस्यों से कहा है कि ऐसे शेयरों में अपने लिए या अपने ग्राहकों की ओर से कारोबार करते समय अतिरिक्त जांच-पड़ताल करें। बीएसई और एनएसई ने क्रमश: 299 और 13 लिक्विड शेयरों की सूची जारी की है।
बीएसई द्वारा जारी सूची में गरवारे मैरीन इंडस्ट्रीज लिमिटेड, मेफकॉम कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड, एकाम लीजिंग एंड फाइनेंस कंपनी, मारुति सिक्योरिटी लिमिटेड, बंगलूरू फोर्ट फार्म्स लिमिटेड, गुजरात इन्वेस्टा लिमिटेड, गोलचा ग्लोबल फाइनेंस लिमिटेड, वेरटेक्स सिक्योरिटीज लिमिटेड, मुनोथ फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड, और इंडो एशिया फाइनेंस शामिल है। बीएसई की पूरी सूची पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें-
बीएसई की गतिहीन शेयरों की सूची
वहीं एनएसई की ओर से जारी सूची में बीकेएम इंडस्ट्रीज, बीएसईएल इन्फ्रास्ट्रक्चर रियल्टी, क्रिएटिव आई, यूरोटेक्स इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट्स, ग्रैंड फाउंड्री, जीटीएन टेक्सटाइल्स और होटल रग्बी शामिल हैं। एनएसई की पूरी सूची पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें-
एनएसई की गतिहीन शेयरों की सूची
आपके दिमाग में हमेशा एक सवाल रहता है कि मुझे कब शेयर खरीदना या बेचना चाहिए। आप अपनी मेहनत से कमाए गए धन को जोखिम में डाल रहे हैं। इसलिए आपको स्टॉक खरीदने या बेचने से पहले कुछ बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। सेंसेक्स को एक जनवरी 1986 को 1978-79 के बेस ईयर के साथ लॉन्च किया गया था। शुरुआत में फुल-मार्केट कैपिटेलाइजेशन मेथड के साथ निफ्टी 22 अप्रैल 1996 को लॉन्च किया गया था। इसे 26 जून 2009 को फ्री-फ्लोट मेथडोलॉजी के रूप में बदल दिया गया था। इसकी बेस पीरियड तीन नवंबर 1995 है।
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