नई दिल्ली। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की प्रमुख कंपनी सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड ने अपने शेयरधारकों के लिए एक अहम जानकारी साझा की है। कंपनी ने अपनी 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) की तारीख और बुक क्लोजर अवधि का ऐलान कर दिया है। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब हाल के दिनों में कंपनी के शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। इसके बावजूद कई ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा है और निवेशकों को खरीदारी या होल्ड करने की सलाह दी है।
सुजलॉन एनर्जी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि कंपनी की 31वीं AGM शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कंपनी के महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर शेयरधारकों की राय ली जाएगी। इसके अलावा कंपनी ने बुक क्लोजर की अवधि भी घोषित कर दी है। कंपनी के अनुसार, 5 सितंबर 2026 से 11 सितंबर 2026 तक सदस्यों का रजिस्टर और शेयर ट्रांसफर बुक बंद रहेगा। इस अवधि के दौरान शेयर ट्रांसफर से जुड़े किसी भी बदलाव को दर्ज नहीं किया जाएगा।
कंपनी ने शेयरधारकों की सुविधा के लिए रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराने की बात कही है। इसके माध्यम से निवेशक AGM में रखे जाने वाले प्रस्तावों पर ऑनलाइन अपना वोट दे सकेंगे। कंपनी का उद्देश्य अधिक से अधिक शेयरधारकों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना है।
वहीं दूसरी ओर सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में हाल के दिनों में दबाव देखने को मिला है। बुधवार को बीएसई पर कंपनी का शेयर करीब 1.5 प्रतिशत गिरकर 47.47 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले दो कारोबारी सत्रों में शेयर में लगभग 10 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के पीछे कंपनी के वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों को भी एक वजह माना जा रहा है।
कंपनी ने पहली तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। कंपनी का मुनाफा घटकर 305 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 324 करोड़ रुपये था। हालांकि, कंपनी का कारोबार अभी भी मजबूत बना हुआ है और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग से भविष्य में फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने सुजलॉन एनर्जी पर अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, कंपनी के शेयर का टारगेट प्राइस घटाकर 65 रुपये कर दिया गया है। ब्रोकरेज के मुताबिक मौजूदा स्तर से शेयर में करीब 35 प्रतिशत तक की बढ़त की संभावना हो सकती है। रिपोर्ट में कहा गया कि तिमाही प्रदर्शन थोड़ा कमजोर रहा, लेकिन कंपनी लंबी अवधि में विकास की राह पर बनी हुई है।
ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए कुछ प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया है। इसमें नए ऑर्डर मिलना, प्रोजेक्ट की समय पर डिलीवरी और इंस्टॉलेशन की रफ्तार शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कंपनी की भविष्य की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं नुवामा ने सुजलॉन एनर्जी पर 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 51 रुपये कर दिया है। नुवामा के अनुसार, कंपनी को FDRE, RTC और हाइब्रिड एनर्जी प्रोजेक्ट्स से फायदा मिल सकता है। इसके अलावा PSU आधारित परियोजनाओं में बढ़ती भागीदारी भी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी कहा है कि विंड एनर्जी इंडस्ट्री की ग्रोथ आने वाले वर्षों में स्थिर हो सकती है। इसके बावजूद सुजलॉन की मजबूत ऑर्डर बुक और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती जरूरतें कंपनी के लिए लंबी अवधि में अवसर पैदा कर सकती हैं।
कुल मिलाकर, सुजलॉन एनर्जी के शेयर में भले ही फिलहाल गिरावट देखने को मिल रही है, लेकिन कंपनी की AGM तारीख, ई-वोटिंग सुविधा और ब्रोकरेज की सकारात्मक राय ने निवेशकों का ध्यान फिर से कंपनी की ओर खींचा है। आने वाले समय में कंपनी का प्रदर्शन, नए ऑर्डर और प्रोजेक्ट डिलीवरी की गति शेयर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।