Business बिजनेस : टेलिकॉम सेक्टर की बड़ी कंपनी Vodafone Idea के शेयरों में पिछले कुछ महीनों के दौरान जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। लगातार उतार-चढ़ाव के बीच कंपनी के स्टॉक्स ने निवेशकों का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर खींचा है। बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के शेयरों में पिछले तीन महीनों में करीब 65 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है, जबकि 52 हफ्ते के निचले स्तर से इसमें लगभग 130 प्रतिशत की बढ़त देखी गई है।
शेयर बाजार में गुरुवार को वोडाफोन आइडिया का शेयर बीएसई पर 14.07 रुपये पर बंद हुआ। वहीं, कुछ महीनों पहले यानी 14 अगस्त 2025 को यह शेयर करीब 6.12 रुपये के स्तर पर था, जहां से इसमें तेज उछाल दर्ज हुआ है। इस तेजी ने निवेशकों के बीच उत्साह तो बढ़ाया है, लेकिन साथ ही बाजार विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह भी दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही शेयरों में मजबूत तेजी दिखाई दे रही हो, लेकिन कंपनी के फंडामेंटल्स को लेकर अभी भी कई तरह की चिंताएं बनी हुई हैं। यही कारण है कि कुछ निवेश सलाहकार इस स्टॉक में निवेश को लेकर सावधानी बरतने की बात कर रहे हैं। उनका मानना है कि केवल कीमतों में तेजी के आधार पर निवेश का फैसला करना जोखिम भरा हो सकता है।
हालांकि, सकारात्मक पहलू यह भी है कि कंपनी ने लगातार चौथे महीने मई में नेट वायरलेस सब्सक्राइबर यानी मोबाइल यूजर्स जोड़ने में सफलता हासिल की है। यह संकेत देता है कि कंपनी के ग्राहक आधार में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, जो लंबे समय में इसके बिजनेस के लिए सकारात्मक माना जा सकता है।
अगर लंबे समय के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में लगभग 98 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, कंपनी का 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 15.35 रुपये तक पहुंच चुका है। इस तेजी के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी बढ़कर 1.52 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वोडाफोन आइडिया का शेयर फिलहाल एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। जहां एक तरफ तकनीकी रूप से इसमें तेजी का ट्रेंड दिख रहा है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी की वित्तीय स्थिति और कर्ज को लेकर अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं।
कुल मिलाकर, Vodafone Idea के शेयरों में आई यह तेज हलचल निवेशकों के लिए आकर्षण और जोखिम दोनों का संकेत देती है। जहां एक ओर यह रिटर्न का अवसर दिखा रहा है, वहीं दूसरी ओर सतर्कता बरतना भी जरूरी माना जा रहा है।