राज्यों से परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा गया: केंद्रीय मंत्री
Panaji पणजी, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को कहा कि केंद्र ने राज्य सरकारों से अपने-अपने क्षेत्रों में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की व्यवहार्यता की जांच करने और प्रस्ताव भेजने को कहा है। उन्होंने कहा कि गोवा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की संभावना पर यहां मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपद नाइक, गोवा के ऊर्जा मंत्री सुदीन धवलीकर और शहरी विकास मंत्री विश्वजीत राणे के साथ समीक्षा बैठक के दौरान चर्चा की गई। बैठक के बाद खट्टर ने संवाददाताओं से कहा, "फिलहाल हम आठ गीगावाट परमाणु ऊर्जा पैदा कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट बिजली पैदा करना है।" गोवा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि तटीय राज्य में कोई तापीय, पनबिजली या सौर ऊर्जा संयंत्र नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि जहां भी परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की संभावना है, उस पर विचार किया जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा, "भविष्य में अगर गोवा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए प्रस्ताव रखता है, तो उस पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।" खट्टर ने कहा कि बैठक के दौरान गोवा के बिजली और शहरी विकास विभागों की उपलब्धियों और उनके सामने आने वाले मुद्दों पर चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मैं सीएम प्रमोद सावंत को बधाई देना चाहूंगा, क्योंकि गोवा इन क्षेत्रों में बाकी राज्यों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।" उन्होंने कहा कि राज्य में 24x7 बिजली की आपूर्ति है, लेकिन भविष्य की मांग पर भी विचार किया जाना चाहिए। खट्टर ने बताया कि उनका मंत्रालय राज्य को निर्बाध जलापूर्ति के लिए 652 करोड़ रुपये मंजूर करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार राज्य को 50 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने में मदद करेगी और स्वच्छ भारत योजना के तहत तीन स्थानों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए 113 करोड़ रुपये देगी। मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि बैठक के दौरान खट्टर ने बिजली, शहरी विकास और सीवरेज क्षेत्रों के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा, "हमें पहले से ही नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से अच्छा समर्थन मिल रहा है।" सीएम ने कहा कि राज्य में पीएम आवास योजना के कार्यान्वयन पर भी अन्य बातों के अलावा चर्चा की गई।