मुंबई : भारतीय शेयर बाजार में हाल ही में सूचीबद्ध हुई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर गिरकर 572.15 रुपये पर पहुंच गया, जो इसके आईपीओ मूल्य 574 रुपये से भी नीचे है। लिस्टिंग के कुछ ही दिनों के भीतर शेयर का इश्यू प्राइस से नीचे आ जाना उन निवेशकों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जिन्होंने आईपीओ में निवेश किया था और बेहतर लिस्टिंग गेन की उम्मीद की थी।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग 21 जुलाई 2026 को हुई थी। लिस्टिंग के दिन कंपनी के शेयरों ने निवेशकों को अच्छी शुरुआत दी थी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर शेयर 6.27 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 610 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ था। कारोबार के दौरान यह 625 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंचा और दिन के अंत में 609.90 रुपये पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भी कंपनी के शेयर 6.85 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 613.30 रुपये पर सूचीबद्ध हुए थे। कारोबार के दौरान एनएसई पर शेयर 624.95 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचा और अंत में 609.75 रुपये पर बंद हुआ।
हालांकि, शुरुआती उत्साह ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सका। लिस्टिंग के बाद लगातार बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और शुक्रवार को शेयर 572.15 रुपये तक फिसल गया। यह स्तर कंपनी के आईपीओ मूल्य 574 रुपये से भी नीचे है। यदि लिस्टिंग वाले दिन के उच्चतम स्तर 625 रुपये की तुलना की जाए तो शेयर में लगभग 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लिस्टिंग के बाद मुनाफावसूली और बाजार की अस्थिरता के कारण शेयर पर दबाव बना हुआ है।
गौरतलब है कि एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का आईपीओ निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा था। कंपनी का सार्वजनिक निर्गम कुल 41.73 गुना सब्सक्राइब हुआ था, जो निवेशकों की मजबूत रुचि को दर्शाता है। सबसे अधिक उत्साह क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) वर्ग में देखने को मिला, जहां कोटा 140.11 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की श्रेणी 22.51 गुना भरी गई।
रिटेल निवेशकों की श्रेणी में आईपीओ को 3.76 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों के लिए आरक्षित कोटा 9.52 गुना भरा गया। कर्मचारियों के लिए आरक्षित श्रेणी में भी अच्छी भागीदारी रही और यह हिस्सा 4.65 गुना सब्सक्राइब हुआ। इन आंकड़ों से साफ था कि निवेशकों ने कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया था।
आईपीओ में खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम एक लॉट में आवेदन करने की व्यवस्था थी। एक लॉट में 26 शेयर शामिल थे और आईपीओ मूल्य 574 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। इस हिसाब से एक लॉट खरीदने के लिए निवेशकों को 14,924 रुपये का निवेश करना पड़ा था। खुदरा निवेशक अधिकतम 13 लॉट तक के लिए आवेदन कर सकते थे।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी नए सूचीबद्ध शेयर में शुरुआती दिनों में उतार-चढ़ाव सामान्य बात होती है। हालांकि, आईपीओ मूल्य से नीचे पहुंचना निवेशकों के लिए चिंता का विषय जरूर है। आगे कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, म्यूचुअल फंड कारोबार की वृद्धि और समग्र बाजार की स्थिति के आधार पर शेयर की दिशा तय होगी। निवेशकों को अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन और मूलभूत स्थिति का आकलन कर निवेश संबंधी निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।