जनता से रिश्ता वेबडेस्क। नोटिस में जियो ग्राहकों से कहा गया है कि वे अपने केवाईसी/आधार डिटेल को अपडेट करने के लिए कोई ऐप डाउनलोड न करें. इसमें कहा गया है कि Jio कभी भी आपसे ऐसी गतिविधियों के लिए कोई थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता है. नोट में कहा गया है, "कृपया ऐसे एसएमएस/कॉल से सतर्क रहें क्योंकि इससे वित्तीय नुकसान हो सकता है. रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें, क्योंकि धोखेबाजों को आपके फोन की सभी जानकारी मिल जाएगी."

आधार नंबर, ओटीपी या बैंक अकाउंट शेयर न करें
कंपनी ने कहा कि हाल के दिनों में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित कुछ मामले सामने आए हैं जिनमें धोखेबाज खुद को जियो के प्रतिनिधि के रूप में पेश करते हैं और मुख्य रूप से पेंडिंग ईकेवाईसी (अपने को जानें) के बहाने ग्राहकों के आधार, बैंक अकाउंट्स, ओटीपी आदि से संबंधित जानकारी प्राप्त करने पर जोर देते हैं.
ई-केवाईसी वेरिफिकेशन के लिए कॉल/मैसेज का जवाब न दें
वेरिफिकेशन के लिए किसी भी नंबर पर कॉल करने के लिए कहने वाले मैसेज से सावधान रहें.
कॉल करने वालों पर विश्वास न करें
कंपनी ने ग्राहकों से कहा है कि वे किसी भी एसएमएस / कॉल पर विश्वास न करें जो कहे कि ई-केवाईसी पूरा करें नहीं तो मोबाइल सेवाएं बंद हो जाएंगी.
ई-केवाईसी करवाने के लिए एसएमएस में दिए गए नंबरों पर कॉल बैक न करें
नोटिस में ग्राहकों से ऐसे ई-केवाईसी एसएमएस में दिए गए नंबरों पर कॉल बैक नहीं करने को कहा गया है. नोटिस में काम करने के तरीके को समझाते हुए लिखा गया, "आमतौर पर डिटेल शेयर करने के लिए एक कॉल बैक नंबर का भी उल्लेख किया जाता है. जब ग्राहक दिए गए नंबर पर कॉल करता है, तो उसे एक थर्ड पार्टी ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहा जाता है, जो धोखेबाजों को ग्राहक के फोन और संबंधित बैंक खातों तक रिमोट एक्सेस लेने की अनुमति देता है.''
जियो प्रतिनिधि होने का दावा करने वाले कॉलर द्वारा भेजे गए संदेशों में प्राप्त किसी भी लिंक पर क्लिक न करें
Jio ग्राहकों से लिंक, अटैचमेंट पर क्लिक न करने के लिए कहता है, जो कॉल करने वाले Jio से होने का दावा करते हैं.


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