बिजनेस। शेयर बाजार में लंबी अवधि के निवेश की ताकत का एक बड़ा उदाहरण रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) है। करीब 49 साल पहले कंपनी के आईपीओ में लगाए गए महज 1,000 रुपये की अनुमानित वैल्यू आज लगभग 52 लाख रुपये हो चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि लंबे समय तक निवेश बनाए रखने, बोनस शेयर और कंपनी के कारोबार के विस्तार से निवेशकों की संपत्ति में कितनी बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। अब रिलायंस समूह की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आगामी आईपीओ ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है।मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स करीब 30,213 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने जा रही है। इस इश्यू के जरिए कंपनी भारतीय शेयर बाजार में एक और महत्वपूर्ण कदम रखने की तैयारी कर रही है।
1977 में लगाए थे सिर्फ 1,000 रुपये
रिलायंस ने वर्ष 1977 में अपना शुरुआती सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ पेश किया था। उस समय कंपनी रिलायंस टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के नाम से जानी जाती थी।कंपनी के आईपीओ में शेयरों का अंकित मूल्य 10 रुपये था। ऐसे में 1,000 रुपये निवेश करने वाले व्यक्ति को 100 शेयर मिले होते।इसके बाद कंपनी ने कारोबार का विस्तार किया और कई बार बोनस शेयर जारी किए। गणना के अनुसार, शुरुआती 100 शेयर बढ़कर 4,096 शेयर हो गए।लगभग 1,160 रुपये प्रति शेयर के अनुमानित भाव पर इनकी कीमत करीब 47.5 लाख रुपये बनती है।
₹1,000 कैसे बन गए ₹52 लाख?
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वर्षों के दौरान निवेशकों को बोनस शेयर देने के साथ अपने कारोबार में कई बदलाव किए।वर्ष 2023 में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के अलग होने से पात्र रिलायंस शेयरधारकों को नई कंपनी के शेयर भी मिले थे।इस व्यवस्था के तहत निवेशकों को रिकॉर्ड तारीख पर रिलायंस के प्रत्येक शेयर के बदले जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का एक शेयर मिला था।ऐतिहासिक शेयरधारिता के आधार पर गणना करने पर शुरुआती निवेश से 2,048 जियो फाइनेंशियल सर्विसेज शेयर भी जुड़े होते।इन शेयरों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की संयुक्त अनुमानित कीमत करीब 52 लाख रुपये बताई गई है।यह एक उदाहरणात्मक गणना है, जिसमें बाजार भाव और कॉरपोरेट कार्रवाइयों को शामिल किया गया है। इसमें अब तक मिले नकद डिविडेंड और उनके पुनर्निवेश से संभावित लाभ शामिल नहीं हैं।
Jio IPO कब खुलेगा?
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ की प्रमुख जानकारी
आईपीओ खुलने की तारीख
21 अक्टूबर 2026
आईपीओ बंद होने की तारीख
23 अक्टूबर 2026
प्राइस बैंड
₹1,065–₹1,119
कुल इश्यू साइज
₹30,213 करोड़
लॉट साइज
12 शेयर
न्यूनतम आवेदन राशि
₹13,428
प्रस्तावित शर्तें एवं कार्यक्रम।
जियो का आईपीओ पूरी तरह नए शेयरों का निर्गम होगा। कंपनी 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की तैयारी में है।
रिलायंस के शेयरधारकों के लिए विशेष कोटा
जियो आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए भी विशेष आरक्षण रखा गया है।जानकारी के अनुसार, आईपीओ में करीब 2,500 करोड़ रुपये के शेयर पात्र रिलायंस शेयरधारकों के लिए आरक्षित होंगे। इसके अलावा कंपनी के योग्य कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये का कोटा निर्धारित किया गया है।हालांकि, विशेष कोटे में पात्र होना शेयर आवंटन की गारंटी नहीं है। आवंटन संबंधित नियमों और आवेदन की मांग पर निर्भर करेगा।
जियो का कारोबार कितना बड़ा है?
रिलायंस जियो भारत की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों में शामिल है। कंपनी मोबाइल सेवाओं के अलावा ब्रॉडबैंड, डिजिटल एप्लिकेशन, क्लाउड सेवाओं और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी कारोबार कर रही है।जियो प्लेटफॉर्म्स में मेटा और गूगल जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की हिस्सेदारी भी है।आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड पर जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित मूल्यांकन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये है।
निवेशकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने लंबी अवधि में उल्लेखनीय संपत्ति निर्माण का उदाहरण प्रस्तुत किया है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि जियो आईपीओ से भी वैसा ही रिटर्न मिलेगा।निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, मूल्यांकन, भविष्य की कमाई, प्रतिस्पर्धा और बाजार के जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए।जियो का आईपीओ भारतीय शेयर बाजार के बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल होने जा रहा है। ऐसे में निवेशकों की नजर अब 21 अक्टूबर से शुरू होने वाली आवेदन प्रक्रिया और बाद में शेयर बाजार में इसकी लिस्टिंग पर रहेगी।