नई दिल्ली। शेयर बाजार में कई बार बड़े नाम वाली कंपनियों के शेयर भी अचानक दबाव में आ जाते हैं। ऐसा ही कुछ **मुकेश अंबानी से जुड़ी कंपनी आलोक इंडस्ट्रीज लिमिटेड** के शेयरों के साथ देखने को मिला है। टेक्सटाइल सेक्टर की इस कंपनी के शेयरों में भारी बिकवाली के चलते भाव गिरकर **10 रुपये से नीचे पहुंच गया** है।
शुक्रवार के कारोबार में आलोक इंडस्ट्रीज के शेयरों में करीब **12 प्रतिशत तक की गिरावट** दर्ज की गई और शेयर का भाव गिरकर लगभग **9.16 रुपये प्रति शेयर** के स्तर तक पहुंच गया। यह कंपनी के शेयर का 52 हफ्तों का निचला स्तर बताया जा रहा है।
लगातार पांच दिनों से दबाव में शेयर
आलोक इंडस्ट्रीज के शेयरों में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, बीते पांच ट्रेडिंग सेशन में कंपनी के शेयरों में 21 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।
एक महीने के दौरान भी शेयर में भारी कमजोरी आई है। निवेशकों में बिकवाली बढ़ने से स्टॉक लगातार दबाव में बना हुआ है।
एक्सचेंज ने मांगा स्पष्टीकरण
शेयर में अचानक बढ़ी हलचल को देखते हुए **बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)** ने कंपनी से कारोबार में बढ़े वॉल्यूम को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है।
कंपनी की ओर से कहा गया कि ऐसी कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं है, जिसे शेयर बाजार को बताना जरूरी हो और जिसे कंपनी ने साझा न किया हो।
रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ा है नाम
आलोक इंडस्ट्रीज लिमिटेड टेक्सटाइल सेक्टर की कंपनी है। यह कॉटन और पॉलिएस्टर वैल्यू चेन में काम करती है। कंपनी में **रिलायंस इंडस्ट्रीज की करीब 40.01 प्रतिशत हिस्सेदारी** बताई जाती है, जबकि जेएम फाइनेंशियल एसेट रिकंस्ट्रक्शन की भी बड़ी हिस्सेदारी है।
रिलायंस समूह से जुड़े होने के कारण यह कंपनी लंबे समय से निवेशकों के रडार पर रही है।
कंपनी के तिमाही नतीजे कैसे रहे?
हाल ही में आलोक इंडस्ट्रीज ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए थे। कंपनी का घाटा पिछले साल की तुलना में कम हुआ है।
कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर करीब **138.25 करोड़ रुपये** रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह घाटा करीब 171.56 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी का ऑपरेशन से राजस्व सालाना आधार पर बढ़कर लगभग 993 करोड़ रुपये पहुंचा।
हालांकि, बाजार में निवेशक केवल घाटा कम होने से संतुष्ट नहीं दिखे और शेयर में बिकवाली जारी रही।
पांच साल में भी कमजोर रहा प्रदर्शन
आलोक इंडस्ट्रीज के शेयर ने लंबी अवधि में भी निवेशकों को खास फायदा नहीं दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, पांच साल की अवधि में शेयर में करीब 58 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।
इस गिरावट ने छोटे निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन लोगों की जिन्होंने ऊंचे स्तर पर शेयर खरीदे थे।
शेयर गिरने की वजह क्या हो सकती है?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, किसी शेयर में गिरावट कई कारणों से हो सकती है। इनमें कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की चुनौतियां, निवेशकों की धारणा और बाजार में मांग-आपूर्ति का संतुलन शामिल होता है।
आलोक इंडस्ट्रीज के मामले में लगातार बिकवाली और कम कीमत पर पहुंचना निवेशकों की चिंता को दिखाता है।
निवेशकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
शेयर बाजार में किसी भी कंपनी का नाम बड़ा होने से निवेश का जोखिम खत्म नहीं होता। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, कर्ज, कारोबार की क्षमता और भविष्य की योजनाओं को समझकर ही फैसला लेना चाहिए।
कम कीमत वाले शेयरों को कई बार निवेशक सस्ता समझ लेते हैं, लेकिन केवल कम भाव देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।
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