अब दिसंबर में होगा PF खाते से जुड़ा यह जरूरी काम

Update: 2022-04-11 11:49 GMT

इंप्लॉई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) ने अभी तक पीएफ को दो अलग-अलग अकाउंट में नहीं बांटा है. प्रोविडेंट फंड के ब्याज (PF Interest Rate) पर जब से टैक्स लगाने का नियम जारी हुआ है, तब से पीएफ खाते को दो अकाउंट में बांटने की तैयारी है. इसमें एक खाता टैक्सेबल होगा जबकि दूसरा नॉन टैक्सेबल पीएफ अकाउंट (PF Account) होगा. पिछले वित्तीय वर्ष में ईपीएफ के जिस मेंबर के खाते में 2.5 लाख रुपये से अधिक रकम जमा हुई है, उनके लिए टैक्सेबल और नॉन टैक्सेबल खाते बनाए जाएंगे. हालांकि ईपीएफओ ने अभी तक यह काम नहीं किया है जिससे टैक्स भरने और टैक्स रिटर्न दाखिल करने में देरी हो सकती है. कुछ जानकारों ने 'ET Wealth' को जानकारी दी है कि पीएफ खाते को दो अकाउंट में बांटने का काम सितंबर और दिसंबर में ही सकता है जब 2021-22 के ब्याज का पैसा पीएफ खाते में जमा किया जाएगा.

ईपीएफओ ने 2021-22 की जमा राशि पर 8.1 परसेंट की दर से ब्याज देने का फैसला किया है. ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की बैठक में 8.1 फीसदी ब्याज दर का फैसला किया गया जिसे वित्त मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. पिछले साल के बजट में सरकार ने पीएफ खाते के ब्याज पर टैक्स का नियम लागू किया था. नियम के मुताबिक एक साल में पीएफ खाते में कोई मेंबर 2.5 लाख से अधिक जमा कराता है, तो उसके ब्याज पर टैक्स लगेगा. चूंकि इनकम टैक्स रिटर्न को 31 जुलाई तक भरना होता है. इसलिए पीएफ खाते के नहीं बंटने और टैक्स का मामला साफ नहीं होने से रिटर्न दाखिल करने में परेशानी हो सकती है.

यदि टैक्सपेयर को यह पता न चल पाए कि पीएफ के ब्याज पर उसका कितना टैक्स बनता है, तो वह आईटीआर में इसकी जानकारी नहीं दे पाएगा. अभी तक के प्लान के मुताबिक जिन मेंबर के पीएफ खाते में एक साल में 2.5 लाख रुपये अधिक जमा हुए हैं, उनके खाते को 1 अप्रैल से दो अकाउंट में बांटना था. इसके लिए सीबीडीटी ने इनकम टैक्स रूल, 1962 में नया रूल 9जी जोड़ा है. इस रूल में कहा गया है कि पीएफ में दो अलग-अलग अकाउंट होंगे जो टैक्सेबल जमा राशि और नॉन टैक्सेबल जमा राशि को दर्शाएंगे.

दो अलग-अलग खाते नहीं बनने से अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि पीएफ के ब्याज पर कैसे टैक्स लगेगा. माना जा रहा है कि खाते को अलग करने का काम तभी होगा जब पिछले वित्तीय वर्ष के पीएफ ब्याज का पैसा खाते में जमा किया जाएगा. यह काम सितंबर और दिसंबर में ही हो सकता है क्योंकि उसी समय ब्याज का पैसा क्रेडिट किया जाता है. सरकार के एक आला सूत्र ने 'ET' से कहा कि दो अकाउंट बनाने का काम तेजी से चल रहा है और ईपीएफओ इसके लिए पूरी तरह से तैयार है. इस नए सिस्टम को कभी भी लागू किया जा सकता है. पीएफ के ब्याज पर टैक्स की श्रेणी में ही लोग आएंगे जिनकी सालाना बेसिक सैलरी 21 लाख रुपये हो. ऐसे लोगों की सालाना पीएफ जमा 12 फीसदी के हिसाब से 2.5 लाख रुपये को पार कर जाएगी. ऐसे में उनके पीएफ ब्याज पर टैक्स लगेगा.

Tags:    

Similar News

-->