नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने कंपनी के शेयर पर भरोसा जताते हुए अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि आने वाले समय में इस शेयर में करीब 35 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिल सकती है। जेफरीज ने अडानी ग्रीन एनर्जी के लिए 1,695 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह अनुमान 12 अक्टूबर 2026 को लगभग 1,255 से 1,260 रुपये के शेयर भाव के आधार पर लगाया गया है। हालांकि, यह ब्रोकरेज का अनुमान है, निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं।अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में हाल के महीनों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसके बावजूद ब्रोकरेज को कंपनी के कारोबार और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में विकास की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। बिजली की बढ़ती मांग, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार और बैटरी स्टोरेज कारोबार में संभावित वृद्धि को जेफरीज ने अपने सकारात्मक नजरिए के प्रमुख कारणों में शामिल किया है।
जेफरीज ने दिया 1,695 रुपये का टारगेट
जेफरीज की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर में मौजूदा संदर्भ भाव से लगभग 35 प्रतिशत तक की बढ़त की संभावना है।ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर पर अपनी 'बाय' रेटिंग बनाए रखी है। इसका मतलब है कि जेफरीज के विश्लेषकों को अपने मूल्यांकन और अनुमानों के आधार पर शेयर में बढ़त की गुंजाइश दिखाई दे रही है।रिपोर्ट के समय शेयर का भाव लगभग 1,255 रुपये था, जबकि टारगेट प्राइस 1,695 रुपये रखा गया है। दोनों के बीच लगभग 440 रुपये का अंतर है।हालांकि, शेयर बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए निवेशकों को यह समझना चाहिए कि टारगेट प्राइस भविष्य की संभावित कीमत का अनुमान होता है, कोई निश्चित परिणाम नहीं।
छह महीने में 16 प्रतिशत चढ़ चुका है शेयर
अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयर ने पिछले छह महीनों के दौरान लगभग 16 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की है। वहीं, वर्ष 2026 की शुरुआत से रिपोर्ट के समय तक इसमें करीब 23 प्रतिशत की तेजी बताई गई है।इसके बावजूद शेयर अपने ऊपरी स्तर से लगभग 22 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था।जेफरीज का मानना है कि इस गिरावट के बाद कंपनी का मूल्यांकन पहले के मुकाबले अधिक आकर्षक दिखाई दे रहा है। ब्रोकरेज ने कंपनी की भविष्य की कमाई में संभावित वृद्धि को भी अपने आकलन का आधार बनाया है
आखिर अडानी ग्रीन एनर्जी पर क्यों भरोसा जता रही जेफरीज?
जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में अडानी ग्रीन एनर्जी के कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख किया है।ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में बिजली की मांग बढ़ने से ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों को फायदा मिल सकता है। विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी कंपनियों के लिए कारोबार बढ़ाने के अवसर बन सकते हैंअडानी ग्रीन एनर्जी सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़ी कंपनी है। इसके कारोबार का प्रमुख हिस्सा बिजली उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विस्तार से संबंधित हैजेफरीज ने गुजरात के खावड़ा में कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना के बेहतर उपयोग और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के विस्तार को संभावित वृद्धि के प्रमुख कारणों में शामिल किया है।हालांकि, इन परियोजनाओं से भविष्य में कितना आर्थिक लाभ होगा, यह उनके समय पर पूरा होने और परिचालन प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
कंपनी की कमाई में 30 प्रतिशत सालाना वृद्धि का अनुमान
जेफरीज ने वित्त वर्ष 2026 से 2030 के बीच अडानी ग्रीन एनर्जी के EBITDA में लगभग 30 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर का अनुमान लगाया है।EBITDA एक वित्तीय मापदंड है, जिसका उपयोग ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले कंपनी की परिचालन आय को समझने के लिए किया जाता है।ब्रोकरेज के अनुसार, शेयर अपने उच्चतम स्तर से करीब 22 प्रतिशत नीचे आने के बाद एक वर्ष के अग्रिम अनुमानित EV/EBITDA के लगभग 20 गुना मूल्यांकन पर कारोबार कर रहा है।जेफरीज को यह मूल्यांकन कंपनी की अनुमानित कारोबारी वृद्धि को देखते हुए उचित लगता है।हालांकि, EBITDA में बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि कंपनी का शुद्ध मुनाफा या शेयर का भाव भी उसी अनुपात में बढ़ेगा। ब्याज लागत और अन्य खर्च अंतिम लाभ को प्रभावित कर सकते हैं।
RBI की ब्याज दरों से जुड़ी चिंता भी मौजूद
अडानी ग्रीन एनर्जी को लेकर जेफरीज की रिपोर्ट में ब्याज दरों से संबंधित जोखिमों का भी उल्लेख किया गया है।रिजर्व बैंक की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण अधिक कर्ज वाली कंपनियों की वित्तीय लागत बढ़ सकती है।नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है। ऐसे में कर्ज की लागत कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।जेफरीज का अनुमान है कि बिजली की मजबूत मांग और परियोजनाओं के बेहतर उपयोग से बढ़ती ब्याज लागत के कुछ प्रभावों की भरपाई हो सकती है।हालांकि, वास्तविक परिणाम वित्तीय परिस्थितियों और कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करेंगे।
खावड़ा परियोजना पर निवेशकों की नजर
गुजरात में अडानी ग्रीन एनर्जी की खावड़ा परियोजना कंपनी की विकास योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है।जेफरीज ने इस परियोजना के क्रियान्वयन में संभावित देरी को जोखिम बताया है।इसके अलावा, नए ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बोली लगाना भी कंपनी के लिए चुनौती बन सकता है।यदि परियोजनाओं के निर्माण में देरी होती है या अनुमान से अधिक खर्च आता है, तो कंपनी की वित्तीय स्थिति और शेयर के मूल्यांकन पर असर पड़ सकता है।इसलिए ब्रोकरेज की सकारात्मक रेटिंग के साथ इन जोखिमों को समझना भी आवश्यक है।
क्या निवेशकों को अभी शेयर खरीदना चाहिए?
जेफरीज ने अडानी ग्रीन एनर्जी के लिए 'बाय' रेटिंग और 1,695 रुपये का लक्ष्य दिया है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर निवेशक के लिए इस शेयर को खरीदना उचित होगा।किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी के तिमाही नतीजे, कर्ज, नकदी प्रवाह, कारोबार की वृद्धि और मौजूदा मूल्यांकन को देखना जरूरी है।निवेशकों को यह भी समझना चाहिए कि ब्रोकरेज के अनुमान बदल सकते हैं। बाजार की परिस्थितियां, ब्याज दरें, परियोजनाओं में देरी और कंपनी से जुड़े अन्य घटनाक्रम शेयर की कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।इसलिए केवल संभावित 35 प्रतिशत तेजी देखकर निवेश का निर्णय लेना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
आने वाले समय में किन बातों पर रहेगी नजर?
अडानी ग्रीन एनर्जी के निवेशकों के लिए कंपनी की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार, खावड़ा परियोजना की प्रगति और बैटरी स्टोरेज कारोबार से जुड़े घटनाक्रम महत्वपूर्ण होंगेइसके अलावा बिजली की मांग, वित्तीय लागत और कंपनी के आगामी तिमाही नतीजे भी शेयर के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।जेफरीज ने फिलहाल कंपनी के शेयर में संभावित तेजी का अनुमान जताया है और अपनी खरीदने की रेटिंग बरकरार रखी है।अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपने कारोबारी लक्ष्यों को किस तरह पूरा करती है और उसके वित्तीय परिणाम ब्रोकरेज की उम्मीदों के अनुरूप रहते हैं या नहीं।