सुरक्षा तकनीक में बड़ी उपलब्धि, नया मेड-इन-इंडिया बॉडी स्कैनर हुआ लॉन्च
भारत की नई सुरक्षा तकनीक, बॉडी स्कैनर से बढ़ेगी जांच की सटीकता
2005 में IIT-दिल्ली में शुरू हुई सिक्योरिटी और सर्विलांस सॉल्यूशन कंपनी, वेहंत टेक्नोलॉजीज़ (Vehant Technologies) ने 'मिलीव्यू' (MilliView) लॉन्च करने की घोषणा की है। यह भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित मिलीमीटर-वेव बॉडी स्कैनर है। यह सिस्टम पांच सेकंड से भी कम समय में धातु और गैर-धातु, दोनों तरह के खतरों का पता लगाने के लिए बनाया गया है। कंपनी का कहना है कि यह क्षमता मौजूदा स्क्रीनिंग टेक्नोलॉजी की कमियों को दूर करती है।
वेहंत टेक्नोलॉजीज़ ने AI-इनेबल्ड सिक्योरिटी और ट्रैफिक एनफोर्समेंट सिस्टम के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। इनमें बैगेज स्कैनर, गाड़ी के नीचे की जांच करने वाले सिस्टम और ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन शामिल हैं। 'मिलीव्यू' के साथ कंपनी पैसेंजर स्क्रीनिंग टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कदम रख रही है। इसका मकसद एयरपोर्ट, सरकारी एजेंसियों और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से और बेहतर तरीके से खतरों का पता लगाने वाले टूल उपलब्ध कराना है।
कंपनी के अनुसार, यह स्कैनर नॉन-आयोनाइजिंग मिलीमीटर-वेव इमेजिंग और AI-पावर्ड थ्रेट रिकग्निशन (खतरों की पहचान) का इस्तेमाल करता है। यह विस्फोटक, डेटोनेटर, ज्वलनशील पदार्थ, जेल और ऑर्गेनिक पदार्थों जैसी छिपी हुई चीज़ों की पहचान कर सकता है। पारंपरिक स्कैनर मुख्य रूप से धातु के हथियारों पर केंद्रित रहे हैं, जिससे गैर-धातु खतरों का पता लगाना मुश्किल होता है। वेहंत का कहना है कि नया सिस्टम ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के दिशानिर्देशों का पालन करता है और इसमें भारत-विशिष्ट डिटेक्शन एल्गोरिदम शामिल हैं।
प्राइवेसी से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए, संभावित खतरे वाले क्षेत्रों को शरीर की वास्तविक तस्वीरों के बजाय एक सामान्य, जेंडर-न्यूट्रल अवतार पर दिखाया जाता है। कंपनी यूरोपियन ECAC सर्टिफिकेशन लेने की भी योजना बना रही है, जिससे इसे यूरोप, मध्य पूर्व, एशिया और अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
वेहंत टेक्नोलॉजीज़ के को-फाउंडर और CEO कपिल बरदेजा ने कहा कि आज इस्तेमाल हो रहे कई स्क्रीनिंग सिस्टम ऐसे समय में बनाए गए थे जब धातु के हथियार मुख्य चिंता का विषय थे। उन्होंने कहा, "सुरक्षा एजेंसियों को अब कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें छिपी हुई गैर-धातु की चीज़ें भी शामिल हैं, जिनका पता लगाना अक्सर मुश्किल होता है।"
'मिलीव्यू' का लॉन्च "मेक इन इंडिया" और "आत्मनिर्भर भारत" पहलों के तहत भारत के घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की कोशिश का हिस्सा है। आने वाले महीनों में इसे एयरपोर्ट, ट्रांसपोर्टेशन हब, सरकारी संस्थानों और संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर में लगाए जाने की उम्मीद है।
भारत में बने और विकसित किए गए स्कैनर को पेश करके, वेहंत टेक्नोलॉजीज़ आयातित टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करने और घरेलू समाधानों के साथ सुरक्षा की बदलती चुनौतियों का सामना करने की कोशिश कर रही है।