Business : फेस्टिव सीजन चल रहा है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने नए घर या फ्लैट में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं। दिवाली के मौके पर घर खरीदना कई लोगों के लिए खास होता है। लेकिन प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों के बीच घर खरीदने के लिए बड़ी रकम जुटाना आसान नहीं है। ऐसे में लोग होम लोन का विकल्प चुनते हैं। अगर आप भी घर खरीदने के लिए बैंक से लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन करने से पहले अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और अन्य शर्तों की तुलना जरूर करें।
अक्टूबर 2026 में कई सरकारी बैंक करीब 7.45 फीसदी सालाना की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े बैंकों की दरें और पात्रता की शर्तें अलग हैं।
किन बैंकों में मिल रही हैं कम ब्याज दरें?
होम लोन की ब्याज दरों में मामूली अंतर भी लंबे समय में आपकी जेब पर असर डाल सकता है। अक्टूबर 2026 में उपलब्ध प्रकाशित दरों के आधार पर कुछ बैंकों की शुरुआती दरों का विवरण इस प्रकार है।
बैंक का नाम
प्रकाशित शुरुआती ब्याज दर
बैंक ऑफ बड़ौदा
7.45% सालाना
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
7.45% सालाना
पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
7.45% सालाना
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)
7.50% सालाना
एचडीएफसी बैंक
7.75% सालाना
आईसीआईसीआई बैंक
8.75% सालाना
<text data-color="secondary" data-size="xs">स्रोत: अक्टूबर 2026 में उपलब्ध प्रकाशित दरों की तुलना। दरें ग्राहक की पात्रता, क्रेडिट स्कोर, लोन राशि और बैंक की नवीनतम शर्तों के अनुसार बदल सकती हैं। आवेदन से पहले बैंक से मौजूदा दर की पुष्टि करें।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि शुरुआती ब्याज दर के मामले में कुछ सरकारी बैंक प्रतिस्पर्धी विकल्प दे रहे हैं। हालांकि, सिर्फ शुरुआती दर देखकर बैंक का चुनाव करना सही नहीं होगा। यह भी देखना चाहिए कि आपकी आय और क्रेडिट प्रोफाइल के आधार पर बैंक आपको किस दर पर लोन देने के लिए तैयार है।
SBI, HDFC और ICICI बैंक की दरों पर भी दें ध्यान
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई की वेबसाइट पर होम लोन की शुरुआती दर 7.25 फीसदी सालाना से दिखाई गई है, लेकिन हालिया रिपोर्ट के मुताबिक बैंक ने 15 अक्टूबर 2026 से कुछ होम लोन दरों में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है। ऐसे में नए आवेदकों को आवेदन के समय लागू वास्तविक दर की पुष्टि करनी चाहिए।
एचडीएफसी बैंक की प्रकाशित दरें ग्राहक की प्रोफाइल के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं। वहीं, आईसीआईसीआई बैंक की अक्टूबर 2026 के लिए प्रकाशित मानक दरें 8.75 फीसदी से शुरू होती हैं। बैंक के मुताबिक, ब्याज दर क्रेडिट स्कोर, ग्राहक की श्रेणी और अन्य मानकों पर निर्भर करती है।
इसलिए किसी एक बैंक को सभी ग्राहकों के लिए सबसे सस्ता कहना उचित नहीं होगा। बेहतर होगा कि आप दो या तीन बैंकों से अपनी पात्रता के आधार पर लिखित ब्याज दर का प्रस्ताव लें और उसके बाद तुलना करें।
₹30 लाख के होम लोन पर कितनी बनेगी EMI?
ब्याज दर का असर समझने के लिए एक उदाहरण लेते हैं। मान लीजिए कि आप 20 साल के लिए 30 लाख रुपये का होम लोन लेते हैं। यदि ब्याज दर 7.45 फीसदी सालाना हो, तो आपकी मासिक किस्त करीब 24,100 रुपये होगी। वहीं, 8.75 फीसदी ब्याज दर पर यही किस्त करीब 26,500 रुपये के आसपास पहुंच सकती है।
इस उदाहरण से साफ है कि ब्याज दर में अंतर होने पर हर महीने चुकाई जाने वाली रकम बदल सकती है। 20 साल की अवधि में इसका कुल असर और भी बड़ा हो सकता है। इसलिए केवल कम EMI देखकर फैसला न लें, बल्कि पूरी अवधि में चुकाए जाने वाले कुल ब्याज की भी गणना करें।
होम लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
1. क्रेडिट स्कोर जांचें: अच्छा क्रेडिट स्कोर होने से बेहतर ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ सकती है। आवेदन से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट में किसी गलती की जांच कर लें।
2. प्रोसेसिंग फीस देखें: बैंक ब्याज के अलावा प्रोसेसिंग फीस और अन्य शुल्क भी ले सकते हैं। कुछ समय के लिए फीस में छूट के ऑफर भी मिल सकते हैं। इसलिए कुल लागत की तुलना करना जरूरी है।
3. लोन की अवधि सोच-समझकर चुनें: लंबी अवधि रखने से मासिक EMI कम हो सकती है, लेकिन कुल ब्याज बढ़ सकता है। वहीं, छोटी अवधि में EMI अधिक होगी, लेकिन कुल ब्याज कम हो सकता है।
4. डाउन पेमेंट के लिए रकम तैयार रखें: आमतौर पर प्रॉपर्टी की पूरी कीमत बैंक से लोन के रूप में नहीं मिलती। खरीदार को अपनी तरफ से भी रकम लगानी पड़ सकती है। इसके अलावा रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और अन्य खर्चों का बजट भी बनाएं।
5. फ्लोटिंग और फिक्स्ड ब्याज दर समझें: फ्लोटिंग रेट में बाजार और बैंक के बेंचमार्क के अनुसार ब्याज दर बदल सकती है। फिक्स्ड रेट में दर तय अवधि के लिए स्थिर हो सकती है, लेकिन उसकी शर्तें अलग होती हैं। लोन लेने से पहले दोनों विकल्पों को समझें।
दिवाली से पहले घर खरीदने वालों के लिए जरूरी सलाह
फेस्टिव सीजन में बैंक होम लोन के साथ अलग-अलग ऑफर दे सकते हैं, लेकिन हर ऑफर की शर्तें ध्यान से पढ़ना जरूरी है। कम ब्याज दर के साथ प्रोसेसिंग फीस, कानूनी जांच, प्रॉपर्टी का मूल्यांकन और अन्य खर्च भी आपकी कुल लागत को प्रभावित कर सकते हैं।
घर खरीदने से पहले अपनी मासिक आय, मौजूदा खर्च और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर EMI तय करें। ऐसा लोन चुनें जिसकी किस्त चुकाने में आगे चलकर आर्थिक परेशानी न हो।
कुल मिलाकर, अक्टूबर 2026 में कुछ सरकारी बैंक कम शुरुआती दरों के साथ विकल्प दे रहे हैं, जबकि निजी बैंकों की दरें ग्राहक की प्रोफाइल के अनुसार अलग हो सकती हैं। सबसे अच्छा विकल्प वही होगा, जिसमें आपको अपनी पात्रता के हिसाब से प्रतिस्पर्धी ब्याज दर, उचित शुल्क और सुविधाजनक भुगतान शर्तें मिलें। लोन आवेदन करने से पहले बैंक से ताजा दर और कुल लागत की पुष्टि जरूर करें।