नई दिल्ली। मार्केट रेगुलेटर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला और उद्योगपति जय मेहता से जुड़े मेहता फैमिली ट्रस्ट को बड़ी राहत दी है। SEBI ने सौराष्ट्र सीमेंट लिमिटेड में हिस्सेदारी के प्रस्तावित अप्रत्यक्ष अधिग्रहण के लिए ट्रस्ट को अनिवार्य ओपन ऑफर लाने से छूट दे दी है।
SEBI के इस फैसले के बाद मेहता फैमिली ट्रस्ट के लिए सौराष्ट्र सीमेंट में हिस्सेदारी से जुड़ी आंतरिक पुनर्गठन प्रक्रिया आसान हो जाएगी। रेगुलेटर ने माना कि यह बदलाव प्रमोटर ग्रुप के भीतर होने वाला आंतरिक ट्रांसफर है और इससे सार्वजनिक शेयरधारकों के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
प्रस्तावित डील के तहत जय महेंद्र मेहता अपनी कंपनी गैलेक्सी टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में 49.99 प्रतिशत हिस्सेदारी मेहता फैमिली ट्रस्ट को ट्रांसफर करेंगे। वहीं, जूही चावला ओम्ना एंटरप्राइजेज LLP में अपनी 50.04 प्रतिशत डिविडेंड और वोटिंग हिस्सेदारी इसी फैमिली ट्रस्ट को ट्रांसफर करेंगी।
गैलेक्सी टेक्नोलॉजीज और ओम्ना एंटरप्राइजेज दोनों सौराष्ट्र सीमेंट लिमिटेड के प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा हैं। दोनों कंपनियां मिलकर सीमेंट कंपनी में करीब 24.04 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती हैं।
जूही चावला और उनके पति जय मेहता मेहता फैमिली ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। इस ट्रस्ट की स्थापना साल 2019 में की गई थी। ट्रस्ट का उद्देश्य परिवार से जुड़ी संपत्तियों और कारोबारी हिस्सेदारी का बेहतर प्रबंधन करना है।
SEBI के नियमों के अनुसार, किसी सूचीबद्ध कंपनी में नियंत्रण या महत्वपूर्ण हिस्सेदारी के अप्रत्यक्ष अधिग्रहण की स्थिति में आमतौर पर अधिग्रहणकर्ता को सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए ओपन ऑफर लाना पड़ता है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में रेगुलेटर छूट प्रदान कर सकता है।
इस मामले में SEBI ने माना कि यह प्रमोटर परिवार के अंदर हिस्सेदारी का पुनर्गठन है। इसमें कंपनी के नियंत्रण में कोई वास्तविक बदलाव नहीं होगा और मौजूदा शेयरधारकों के हित प्रभावित नहीं होंगे। इसलिए मेहता फैमिली ट्रस्ट को ओपन ऑफर की शर्त से छूट दी गई।
सौराष्ट्र सीमेंट लिमिटेड सीमेंट क्षेत्र की जानी-मानी कंपनियों में शामिल है। कंपनी का कारोबार लंबे समय से सीमेंट उत्पादन से जुड़ा हुआ है। प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी में होने वाला यह बदलाव कंपनी के स्वामित्व ढांचे को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्रमोटर समूहों में इस तरह के आंतरिक पुनर्गठन से कंपनियों के प्रबंधन और संपत्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। हालांकि, निवेशकों की नजर अब आगे की प्रक्रिया और कंपनी के प्रदर्शन पर बनी रहेगी।
SEBI की मंजूरी के बाद जूही चावला और जय मेहता से जुड़े मेहता फैमिली ट्रस्ट के लिए सौराष्ट्र सीमेंट में अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी हासिल करने का रास्ता साफ हो गया है। यह डील सीमेंट सेक्टर में प्रमोटर हिस्सेदारी के पुनर्गठन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।