नई दिल्ली: रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने भारत में सस्ती और स्वदेशी तकनीक विकसित करने को लेकर कंपनी का बड़ा विजन सामने रखा है। उन्होंने कहा कि भारत को अपना स्वदेशी टेक्नोलॉजी स्टैक तैयार करने की जरूरत है और जियो इसी दिशा में काम कर रही है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC 2026) के दौरान आकाश अंबानी ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य देश के एक अरब से अधिक लोगों के लिए किफायती तकनीकी समाधान विकसित करना है। उन्होंने कहा कि जियो की प्राथमिकता उपभोक्ताओं को कम कीमत पर बेहतर तकनीक उपलब्ध कराना रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ और सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
भारत को चाहिए अपनी स्वदेशी टेक्नोलॉजी
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान आकाश अंबानी ने भारत में स्वदेशी तकनीक के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी शुरू से मानती रही है कि भारत को अपना टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित करना चाहिए।
उनके मुताबिक, जियो अब इसी दिशा में अपने कारोबार और तकनीकी विकास को आगे बढ़ा रही है। कंपनी ऐसे समाधान तैयार करना चाहती है, जिनका इस्तेमाल भारत के करोड़ों उपभोक्ता आसानी से कर सकें।
आकाश अंबानी ने कहा कि जियो के तकनीकी समाधान देश के एक अरब से अधिक उपभोक्ताओं के लिए सबसे किफायती विकल्पों में शामिल होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ग्राहकों को सस्ती सेवाएं उपलब्ध कराना कंपनी की प्रमुख प्राथमिकताओं में बना रहेगा।
आम लोगों को सस्ती तकनीक देने पर जोर
भारत में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन शिक्षा, मनोरंजन और सरकारी सेवाओं तक पहुंच बनाने में मोबाइल तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
ऐसे में तकनीकी सेवाओं की कीमत आम उपभोक्ताओं के लिए काफी मायने रखती है। आकाश अंबानी का बयान इसी दिशा में जियो की रणनीति को दर्शाता है।कंपनी का उद्देश्य केवल नई तकनीक विकसित करना नहीं, बल्कि उसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना भी है। इसके लिए किफायती डिजिटल सेवाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
हालांकि, आकाश अंबानी ने इस मौके पर किसी नए मोबाइल प्लान, स्मार्टफोन या इंटरनेट सेवा की निश्चित कीमत की घोषणा नहीं की। उनका बयान कंपनी की व्यापक तकनीकी रणनीति और उपभोक्ताओं को सस्ती सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता से जुड़ा था।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी जियो की नजर
रिलायंस समूह पहले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को अपने भविष्य के प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में शामिल कर चुका है।कंपनी ने अपनी योजनाओं में भारतीय भाषाओं में एआई सेवाएं उपलब्ध कराने और उन्हें आम लोगों की पहुंच में लाने पर जोर दिया है। जियो की व्यापक रणनीति में ऐसे तकनीकी समाधान शामिल हैं, जो किसानों, विद्यार्थियों, छोटे व्यापारियों और दूसरे उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
रिलायंस की पहले घोषित योजनाओं के अनुसार, एआई आधारित सेवाओं को किफायती बनाना कंपनी के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। कंपनी ऐसे प्लेटफॉर्म विकसित करने की दिशा में काम कर रही है, जिनका उपयोग अलग-अलग भारतीय भाषाओं में किया जा सके।हालांकि, इंडिया मोबाइल कांग्रेस में आकाश अंबानी के ताजा बयान के आधार पर किसी नई एआई सेवा की लॉन्चिंग तारीख घोषित नहीं की गई है।
सैटेलाइट इंटरनेट को लेकर भी बड़ी तैयारी
आकाश अंबानी ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन यानी उपग्रह आधारित संचार सेवाओं को लेकर भी जानकारी दी।उन्होंने बताया कि जियो ने केंद्रीय संचार मंत्री को अपने सैटेलाइट कम्युनिकेशन समाधान प्रदर्शित किए हैं। कंपनी इस क्षेत्र में जरूरी नियामकीय मंजूरियां प्राप्त करने की दिशा में प्रगति कर रही है।
सैटेलाइट इंटरनेट तकनीक का उपयोग उन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए किया जा सकता है, जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क या फाइबर नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल होता है।भारत के दूरदराज के गांवों, पहाड़ी इलाकों और सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसी सेवाएं उपयोगी हो सकती हैं।
हालांकि, आकाश अंबानी ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू होने की कोई निश्चित तारीख या उपभोक्ताओं के लिए कीमत की घोषणा नहीं की। फिलहाल कंपनी आवश्यक मंजूरियों से संबंधित प्रक्रियाओं पर काम कर रही है।
जियो के आईपीओ पर भी बोले आकाश अंबानी
इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान आकाश अंबानी ने रिलायंस जियो के प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ को लेकर भी अपनी बात रखी।उन्होंने कहा कि कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम को बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखती है। उनके अनुसार, यह रिलायंस समूह की लगभग तीन दशक के अंतराल के बाद पहली सार्वजनिक शेयर पेशकश होगी।आकाश अंबानी ने इसे जियो की विकास यात्रा में एक नए चरण की शुरुआत बताया।
जियो के आईपीओ को लेकर निवेशकों और बाजार से जुड़े लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है। हालांकि, उनके इस बयान में आईपीओ के अंतिम मूल्य, आकार या शेयर आवंटन की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।कंपनी की योजनाओं के बारे में आगे आने वाली आधिकारिक घोषणाएं निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में नई तकनीकों का प्रदर्शन
नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का यह दसवां संस्करण है। कार्यक्रम 7 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर को इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस वर्ष आयोजन की थीम 'स्केल विदाउट बाउंड्रीज' रखी गई है।
कार्यक्रम में 5जी, 6जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कम्युनिकेशन और सैटेलाइट तकनीक जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया है।आयोजन में दुनिया के विभिन्न देशों से दूरसंचार कंपनियों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप, निवेशकों और नीति निर्माताओं की भागीदारी हो रही है।सरकारी जानकारी के अनुसार, आयोजन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित है।
डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाने की तैयारी
रिलायंस जियो की नई रणनीति भारत में डिजिटल तकनीक के विस्तार से जुड़ी हुई है। कंपनी पहले ही मोबाइल इंटरनेट, 5जी नेटवर्क और घरेलू ब्रॉडबैंड सेवाओं में सक्रिय है।अब स्वदेशी तकनीक, एआई और सैटेलाइट संचार पर बढ़ता ध्यान उसके अगले चरण की योजनाओं को दर्शाता है।आकाश अंबानी ने स्पष्ट किया है कि जियो भारतीय उपभोक्ताओं के लिए किफायती तकनीक उपलब्ध कराने की दिशा में काम करती रहेगी।
यदि कंपनी अपनी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करती है, तो आने वाले समय में नई तकनीकों तक आम लोगों की पहुंच बढ़ सकती है। हालांकि, इन सेवाओं की वास्तविक कीमत, उपलब्धता और लॉन्चिंग से जुड़ी जानकारी आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होगी।
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