मुंबई: देश के प्राथमिक शेयर बाजार में आज एक बड़े सार्वजनिक निर्गम की शुरुआत होने जा रही है। जियो प्लेटफॉर्म्स का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ बुधवार, 21 अक्टूबर को आम निवेशकों के लिए खुलेगा। इसके जरिए लगभग 30,188 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी है। इसे देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बताया जा रहा है। निवेशक शुक्रवार, 23 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। डिजिटल और दूरसंचार कारोबार में मजबूत मौजूदगी रखने वाली कंपनी के इस निर्गम पर घरेलू तथा विदेशी निवेशकों की नजर है। 
आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। आवेदन के लिए न्यूनतम लॉट साइज 12 शेयर रखा गया है। ऊपरी मूल्य सीमा के आधार पर एक लॉट के लिए 13,428 रुपये की जरूरत होगी। इस तरह छोटे निवेशकों को भी कंपनी के सार्वजनिक निर्गम में भागीदारी का अवसर मिलेगा। आवेदन करते समय चुनी गई कीमत और शेयरों की संख्या के अनुसार रकम निर्धारित होगी। 
सार्वजनिक निर्गम खुलने से पहले संस्थागत निवेशकों की ओर से भी इसमें दिलचस्पी देखने को मिली है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से लगभग 8,110 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इनमें भारतीय जीवन बीमा निगम और कैपिटल ग्रुप जैसे निवेशकों की भागीदारी बताई गई है। एंकर निवेशक सार्वजनिक सदस्यता शुरू होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेयरों के लिए निवेश करते हैं। उनकी भागीदारी से निर्गम को शुरुआती संस्थागत समर्थन मिलता है। 
इससे पहले भी जियो के एंकर हिस्से को लेकर बड़े वैश्विक फंडों की रुचि सामने आई थी। संप्रभु संपदा कोषों और प्रमुख परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों ने इसमें भागीदारी की दिलचस्पी दिखाई थी। बड़े आकार के कारण यह निर्गम भारतीय पूंजी बाजार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सार्वजनिक सदस्यता के दौरान खुदरा निवेशकों और अन्य निवेशक श्रेणियों से मिलने वाली बोलियों पर बाजार की नजर रहेगी। वास्तविक मांग का स्पष्ट संकेत सदस्यता के आंकड़ों से मिलेगा। 
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार दूरसंचार सेवाओं के साथ डिजिटल कनेक्टिविटी से भी जुड़ा है। कंपनी जियोफाइबर और जियोएयरफाइबर जैसी सेवाओं के जरिए घरों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक इंटरनेट पहुंचाती है। इसके कारोबार में क्लाउड और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं। ऐसे में आईपीओ के जरिए निवेशकों को कंपनी के इन कारोबारों में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी का अवसर मिलेगा। कंपनी के प्रमुख विदेशी निवेशकों में मेटा और गूगल के नाम भी शामिल हैं। 
निर्गम का महत्व कंपनी के बड़े ग्राहक आधार से भी जुड़ा है। उपलब्ध कारोबारी रिपोर्ट के अनुसार, जियो के ग्राहकों की संख्या लगभग 52.4 करोड़ है, जबकि इसके 5जी उपयोगकर्ता करीब 26.85 करोड़ हैं। शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद निवेशक कंपनी के प्रदर्शन को अलग सूचीबद्ध इकाई के रूप में देख सकेंगे। इससे उसके कारोबार, आय और वित्तीय नतीजों का स्वतंत्र आकलन करने के लिए अधिक स्पष्ट आधार मिलने की उम्मीद है।  निर्गम से संबंधित कंपनी के खुलासे में अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने का उल्लेख है। नए शेयर जारी होने से कंपनी की शेयर पूंजी बढ़ती है और सफल आवंटन के बाद निवेशकों को उसमें स्वामित्व मिलता है। हालांकि, आवेदन करना और शेयर मिलना अलग चरण हैं। किस निवेशक को कितने शेयर आवंटित होंगे, यह संबंधित श्रेणी में प्राप्त मांग तथा लागू आवंटन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
उपलब्ध संभावित कार्यक्रम के अनुसार, शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसके बाद 27 अक्टूबर को पात्र निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर जमा होने और संबंधित धनराशि जारी करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। शेयरों की सूचीबद्धता 28 अक्टूबर को होने की संभावना है। यह कार्यक्रम संभावित है और इसमें बदलाव हो सकता है। आवेदन करने वाले निवेशकों के लिए सदस्यता की अंतिम तारीख के साथ आवंटन और सूचीबद्धता के चरण भी महत्वपूर्ण रहेंगे।
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