IT company विप्रो देगी अंतरिम डिविडेंड, जानें कितनी मिलेगी रकम

Update: 2026-07-16 13:32 GMT

Business बिजनेस :  देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2025 के बीच के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के तिमाही परिणामों के मुताबिक विप्रो का शुद्ध मुनाफा लगभग स्थिर रहा है। हालांकि कंपनी की आय में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है, जिससे निवेशकों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

विप्रो के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 3,352 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 3,330 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर मुनाफे में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि तिमाही आधार पर कंपनी के मुनाफे में करीब 4.2 प्रतिशत की गिरावट आई है।

कंपनी की परिचालन से होने वाली आय में इस बार अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। पहली तिमाही में विप्रो की ऑपरेशन से आय सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर 24,479 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी की परिचालन आय 22,135 करोड़ रुपये रही थी। वहीं, तिमाही आधार पर आय में करीब एक प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कंपनी के बोर्ड ने वित्तीय प्रदर्शन के साथ निवेशकों के लिए अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है। विप्रो अपने शेयरधारकों को हर शेयर पर 2 रुपये का अंतरिम डिविडेंड देगी। कंपनी की मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) अपर्णा अय्यर ने कहा कि डिविडेंड और पिछले एक साल के दौरान किए गए अन्य भुगतान को मिलाकर कंपनी अपने शेयरधारकों को तीन अरब डॉलर से ज्यादा की नकद राशि वापस करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी विकास के लिए लगातार निवेश भी जारी रखेगी।

डिविडेंड कंपनियों की ओर से निवेशकों को दिया जाने वाला लाभांश होता है। जब कोई कंपनी अच्छा मुनाफा कमाती है तो वह अपने शेयरधारकों को उस लाभ का एक हिस्सा डिविडेंड के रूप में देती है। इससे निवेशकों को अतिरिक्त आय मिलती है और कंपनी के प्रति उनका भरोसा भी बढ़ता है।

विप्रो ने बताया कि जून तिमाही में कंपनी की कुल बुकिंग 3.37 बिलियन डॉलर रही। हालांकि यह पिछली तिमाही की तुलना में 2.4 प्रतिशत कम है। वहीं, बड़े सौदों यानी बड़े डील बुकिंग में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। बड़ी डील बुकिंग पिछली तिमाही के मुकाबले 12.9 प्रतिशत बढ़कर 1.63 बिलियन डॉलर हो गई।

कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन इस तिमाही में 16 प्रतिशत रहा। यह पिछली तिमाही के मुकाबले 130 बेसिस पॉइंट और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 120 बेसिस पॉइंट कम है। ऑपरेटिंग मार्जिन में कमी से संकेत मिलता है कि कंपनी के खर्च और आय के बीच का अंतर थोड़ा प्रभावित हुआ है।

विप्रो का ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी मजबूत रहा। कंपनी ने बताया कि जून तिमाही में ऑपरेटिंग कैश फ्लो 3,288 करोड़ रुपये रहा, जो कंपनी की नेट इनकम का करीब 98 प्रतिशत है। यह कंपनी की मजबूत नकदी स्थिति को दर्शाता है।

आईटी सेक्टर में मौजूदा समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और क्लाउड सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है। विप्रो भी इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। हालांकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और आईटी सेवाओं की मांग में उतार-चढ़ाव के बीच कंपनियों के लिए लगातार विकास बनाए रखना चुनौती बना हुआ है।

विप्रो के ताजा तिमाही नतीजे बताते हैं कि कंपनी ने आय के मोर्चे पर अच्छी पकड़ बनाए रखी है, जबकि मुनाफे में स्थिरता देखने को मिली है। डिविडेंड के ऐलान से निवेशकों को राहत मिली है और कंपनी आगे भी विकास के लिए निवेश जारी रखने की योजना बना रही है।

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