मुंबई: शुक्रवार को लगातार दूसरे सत्र में भारतीय इक्विटी बेंचमार्क बढ़त के साथ बंद हुए। IT और फार्मा शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार में तेजी आई, जबकि व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) दबाव में रहा।
सेंसेक्स 308.49 अंक या 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,459.53 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 116.35 अंक या 0.51 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,053.10 पर बंद हुआ।
निफ्टी के तकनीकी आउटलुक पर विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ सत्रों तक कंसोलिडेशन (स्थिरता) के बाद, इंडेक्स में एक 'ब्रेकआउट' देखने को मिला। यह 22,800 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर बंद हुआ और इसने अपने 20-DMA (20-दिवसीय मूविंग एवरेज) को फिर से हासिल कर लिया है।
विश्लेषकों ने कहा, "3 घंटे के चार्ट पर एक 'सिमेट्रिकल ट्रायंगल' पैटर्न बन रहा है। इसकी पुष्टि के लिए 23,250 के स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होना जरूरी है। जब तक इंडेक्स 22,800 के स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक शॉर्ट-टर्म आउटलुक सकारात्मक रहेगा।"
बाजार पर नजर रखने वालों ने सुझाव दिया, "ट्रेडर्स 23,250 के आसपास अपना कुछ मुनाफा बुक कर सकते हैं, जबकि बाकी 'लॉन्ग पोजीशन' को 22,950 के 'ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस' के साथ बनाए रख सकते हैं।"
वैश्विक बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े अत्यधिक ट्रेडों के कम होने (अनवाइंडिंग) से घरेलू टेक्नोलॉजी शेयरों के लिए आउटलुक बेहतर हुआ, जिससे बाजार की धारणा को मजबूती मिली।
दिग्गज IT कंपनियों में आई तेजी के कारण, इस सत्र में भारतीय इक्विटी ने अधिकांश एशियाई बाजारों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया।
निफ्टी में शामिल शेयरों में ट्रेंट (Trent), इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) और इंफोसिस (Infosys) सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे, जिन्होंने बेंचमार्क की तेजी में अहम भूमिका निभाई।
हालांकि, व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) मुख्य सूचकांकों के मुकाबले पीछे रह गया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.93 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.85 प्रतिशत गिर गया।
विभिन्न सेक्टर्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। टेक्नोलॉजी शेयरों में नई खरीदारी के चलते 'निफ्टी IT' इंडेक्स दिन का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा। फार्मा शेयरों में भी अच्छी मांग देखी गई, जिससे बेंचमार्क को बढ़त हासिल करने में मदद मिली। दूसरी ओर, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स सबसे ज्यादा गिरावट वाला सेक्टर रहा।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, "आईटी सेक्टर के सपोर्ट से लार्ज-कैप शेयरों ने काफी हद तक मजबूती बनाए रखी। ग्लोबल AI शेयरों से पैसा निकालकर चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। वहीं, अच्छे नतीजों और डिफेंसिव डिमांड के चलते फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में तेजी रही।"
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