मुंबई : भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
RBI ने शुक्रवार को जानकारी दी कि 21 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 12.422 अरब डॉलर बढ़कर 729.328 अरब डॉलर के ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया है।
इस बढ़ोतरी के साथ भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने अपना पिछला रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। इससे पहले का उच्चतम स्तर 728.494 अरब डॉलर था, जो इस साल 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह में दर्ज किया गया था।
लगातार दूसरे सप्ताह बढ़ा विदेशी मुद्रा भंडार
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह वृद्धि दर्ज की गई है।
इससे पहले वाले सप्ताह में भी भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी बढ़ोतरी हुई थी। उस दौरान भंडार 9.905 अरब डॉलर बढ़कर 716.907 अरब डॉलर हो गया था।
अब एक सप्ताह में 12 अरब डॉलर से ज्यादा की बढ़ोतरी ने विदेशी मुद्रा भंडार को नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में हुई बड़ी वृद्धि
RBI के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (Foreign Currency Assets) होती हैं।
21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 9.482 अरब डॉलर बढ़कर 591.333 अरब डॉलर हो गईं।
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और अन्य विदेशी मुद्राओं में रखी गई संपत्तियां शामिल होती हैं।
मजबूत आर्थिक स्थिति का संकेत
विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी को देश की आर्थिक मजबूती के संकेत के तौर पर देखा जाता है।
बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार देश को अंतरराष्ट्रीय भुगतान, आयात खर्च और वैश्विक आर्थिक उतार-चढ़ाव से निपटने में मदद करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार से रुपये की स्थिरता बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।
आयात जरूरतों के लिए मजबूत स्थिति
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों, खासकर कच्चे तेल के आयात पर काफी निर्भर है। ऐसे में मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश को आयात भुगतान करने में मदद करता है।
वैश्विक बाजार में अस्थिरता के दौरान भी बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार अर्थव्यवस्था को सुरक्षा प्रदान करता है।
RBI की भूमिका अहम
विदेशी मुद्रा भंडार को प्रबंधित करने की जिम्मेदारी भारतीय रिजर्व बैंक की होती है। केंद्रीय बैंक समय-समय पर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करता है ताकि रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जा सके।
RBI के पास मौजूद विदेशी मुद्रा भंडार देश की वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच बढ़त
दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितताओं, मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार मजबूत बना हुआ है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर कई अर्थव्यवस्थाएं दबाव का सामना कर रही हैं।
निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा
विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड वृद्धि से भारत की वित्तीय स्थिति को लेकर वैश्विक निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।
मजबूत विदेशी मुद्रा स्थिति देश की क्रेडिट प्रोफाइल और आर्थिक स्थिरता के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है।
आगे भी नजर रहेगी आंकड़ों पर
RBI के आने वाले आंकड़े बताएंगे कि विदेशी मुद्रा भंडार में यह बढ़ोतरी आगे भी जारी रहती है या नहीं।
फिलहाल 729.328 अरब डॉलर का रिकॉर्ड स्तर भारत की आर्थिक क्षमता और वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।