जीएसटी काउंसिल की बैठक (GST Council Meeting) आज जारी है. वित्त मंत्री (Finance Minister) निर्मला सीतारमण शाम 7 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री जीएसटी काउंसिल में हुए फैसलों की जानकारी देंगी. कोविड-19 से जुड़ी सामग्री मसलन दवाइयों, टीकों और चिकित्सा उपकरणों पर जीएसटी रेट (GST Rate) को कम करने पर विचार किया जाएगा. इसके अलावा बैठक में राज्यों को राजस्व नुकसान की भरपाई के तौर-तरीकों पर भी चर्चा होगी.  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी काउंसिल की 43वीं बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हो रही है. करीब 8 महीने में यह काउंसिल की बैठक पहली बैठक है.

कोविड से जुड़े सामानों पर टैक्स जीरो करने का दबाव
बैठक से पहले गैर-भाजपा शासित राज्यों मसलन राजस्थान, पंजाब, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल ने कोविड से जुड़ी आवश्यक सामग्रियों पर शून्य टैक्स रेट के लिए दबाव बनाने की संयुक्त रणनीति तैयार की है. जीएसटी परिषद में सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हैं.
जीएसटी कंपनसेशन पर भी होगी चर्चा
टैक्स की दरों पर विचार विमर्श के अलावा काउंसिल में राज्यों को अनुमानत: 2.69 लाख करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराने पर भी चर्चा होगी. वर्ष 2017 में जीएसटी व्यवस्था लागू करते समय राज्यों को वैट और अन्य कर लगाने के उनके अधिकार को छोड़ने पर राजी करते हुये उनके राजस्व नुकसान की भरपाई का वादा किया गया था.
जीएसटी दरों पर फिटमेंट समिति ने कांउसिल को कोविड टीके, दवाओं और अन्य उपकरणों पर टैक्स रेट को शून्य करने पर असर का रिपोर्ट सौंप दी है. इस समिति में केंद्र और राज्यों के कर अधिकारी शामिल हैं. अगर अंतिम उत्पाद को GST से छूट दी जाती है तो विनिर्माताओं के पास कच्चे माल पर इनपुट कर क्रेडिट के लाभ का दावा करने का विकल्प नहीं बचेगा. ऐसे में उपभोक्ताओं को कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा.
सेनेटरी नैपकिंस को GST से दायरे से किया था बाहर
वर्ष 2018 में काउंसिल ने कई महिला संगठनों की मांग पर सेनेटरी नैपकिंस को जीएसटी मुक्त किया था. इस पर 12 फीसदी की दर से यह कर लगता था. लेकिन जीएसटी मुक्त किये जाने के बाद उपभोक्ताओं को कोई खास लाभ नहीं मिला क्योंकि विनिर्माताओं को आपूर्ति श्रृंखला में लगने वाले कर की वापसी का लाभ नहीं मिला.
वित्त मंत्री ने कही थी ये बात
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस माह के शुरू में कोविड संबंधी टीकों, दवाओं और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर को GST से छूट दिये जाने की मांग को एक तरह से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की छूट दिये जाने से उपभोक्ताओं के लिये ये लाइफ सेविंग सामान महंगे हो जाएंगे क्योंकि इसके विनिर्माताओं को कच्चे माल पर दिये गये कर का लाभ नहीं मिल पायेगा.वर्तमान में टीके की घरेलू आपूर्ति और वाणिज्यिक तौर पर आयात पर 5 फीसदी की दर से जीएसटी लगता है जबकि कोविड दवाओं और ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लागू है.
चालू वित्त वर्ष में 2.69 लाख करोड़ राजस्व में कमी का अनुमान
जहां तक राज्यों के राजस्व क्षतिपूर्ति की बात है केन्द्र ने चालू वित्त वर्ष के दौरान इस मद में 2.69 लाख करोड़ रुपए की कमी रहने का अनुमान लगाया है. केन्द्र को विलासिता, अहितकर और तंबाकू उत्पादों पर लागू उपकर से 1.11 लाख करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है जबकि शेष 1.58 लाख करोड़ रुपए उधार से जुटाने होंगे.


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