Business बिजनेस : पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक सप्लाई चेन पर भी देखने को मिल रहा है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने देश के उद्योगों को राहत देने के लिए एक अहम फैसला लिया है।सरकार ने लगभग 40 महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात पर दी जा रही कस्टम ड्यूटी छूट को 15 दिन और बढ़ा दिया है। अब यह छूट 15 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी। इससे पहले यह सुविधा केवल 30 जून 2026 तक ही उपलब्ध थी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन में आई बाधाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पेट्रोकेमिकल सेक्टर देश के कई बड़े उद्योगों की रीढ़ माना जाता है, और इसमें किसी भी तरह की लागत वृद्धि का सीधा असर उत्पादन और कीमतों पर पड़ सकता है।इस फैसले से रसायन, प्लास्टिक, पैकेजिंग, टेक्सटाइल और अन्य संबंधित उद्योगों को राहत मिलने की उम्मीद है। उद्योग जगत लंबे समय से इनपुट कॉस्ट बढ़ने और आयात में देरी जैसी समस्याओं का सामना कर रहा था। कस्टम ड्यूटी छूट बढ़ने से कंपनियों की लागत कुछ हद तक नियंत्रित रहेगी और बाजार में स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के चलते आने वाले दिनों में कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में सरकार का यह कदम उद्योगों को अस्थायी राहत प्रदान करेगा और उत्पादन पर दबाव कम करेगा।हालांकि, यह भी माना जा रहा है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्थिति लंबे समय तक ऐसी ही बनी रहती है, तो सरकार को आगे भी इसी तरह के नीतिगत फैसले लेने पड़ सकते हैं।कुल मिलाकर, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब वैश्विक बाजार अस्थिरता से गुजर रहा है और भारत के उद्योगों को निरंतर सपोर्ट की आवश्यकता महसूस हो रही है।