सरकार ने डीज़ल और जेट फ़्यूल के निर्यात पर बढ़ाया टैक्स

डीज़ल एक्सपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी से तेल कंपनियों पर असर संभव

Update: 2026-06-16 03:45 GMT

Taxes On Fuel Exports:  केंद्र सरकार ने सोमवार को डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाने की घोषणा की। सरकार के अनुसार, डीज़ल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर ₹14 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि एविएशन फ्यूल पर यह शुल्क ₹12.5 प्रति लीटर तय किया गया है। नई दरें 16 जून से लागू हो गई हैं और अगले दो सप्ताह तक प्रभावी रहेंगी।

सरकारी बयान के मुताबिक, डीज़ल पर पहले ₹13.5 प्रति लीटर की दर से विंडफॉल टैक्स लगाया जा रहा था, जिसे अब बढ़ाकर ₹14 प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं, एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर पहले ₹9.5 प्रति लीटर की ड्यूटी लागू थी, जिसे बढ़ाकर ₹12.5 प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे पहले की तरह ही बरकरार रखा गया है।
विंडफॉल टैक्स आमतौर पर तब लगाया जाता है जब ऊर्जा कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंची कीमतों के कारण अतिरिक्त लाभ प्राप्त होता है। सरकार समय-समय पर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन की समीक्षा के आधार पर इन करों में संशोधन करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डीज़ल और ATF पर टैक्स बढ़ने से तेल कंपनियों के निर्यात मार्जिन पर कुछ असर पड़ सकता है। वहीं, सरकार के लिए इससे अतिरिक्त राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच भारत लगातार अपने कर ढांचे की समीक्षा कर रहा है ताकि घरेलू बाजार में ईंधन आपूर्ति और कीमतों का संतुलन बनाए रखा जा सके।
सरकार द्वारा पेट्रोल पर ड्यूटी यथावत रखने के फैसले को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे पेट्रोल निर्यात करने वाली कंपनियों को फिलहाल किसी अतिरिक्त कर बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा। अगले दो सप्ताह में वैश्विक तेल बाजार की स्थिति के आधार पर इन दरों की फिर से समीक्षा की जा सकती है।

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