भारत सरकार को उन लोगों के अकाउंट के बारे में एक डिटेल रिपोर्ट मिली है, जिन्होंने स्विटजरलैंड में पैसे जमा कर रखें हैं. यह जानकारी स्विस बैंक की तरफ से शेयर की गई है. इस तरह की दो अन्य रिपोर्ट इससे पूर्व में भी शेयर की जा चुकी है. स्विस बैंक ने यह जानकारी ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन पैक्ट के तहत शेयर की है.


स्विस बैंक की तरफ से सालाना आधार पर इस तरह की रिपोर्ट शेयर की जाती है, क्योंकि दोनों देश के बीच यह करार हुआ है. इस साल स्विस बैंक ने 96 देशों के 33 लाख बैंक अकाउंट की जानकारी शेयर की है. वहां के फेडरल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन (FTA) की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि इस साल स्विस बैंक ने 10 नए देशों के नागरिकों की जानकारी भी शेयर की है.

10 नए देशों को जानकारी शेयर की गई
ये देश- एंटीगुआ, बरबूडा, अजरबैजान, डोमिनिका, घाना, लेबनन, मकाउ, पाकिस्तान, कतर, सामाओ और Vauatu हैं. 96 में 70 देश ऐसे हैं जिनके साथ परस्पर जानकारी शेयर की गई है. मतलब, स्विटजरलैंड ने अपने देश में अकाउंट खुलवाने वाले उस देश के नागरिकों की जानकारी शेयर की, बदले में अगर स्विटजरलैंड का कोई नागरिक उस देश में अकाउंट खुलवाया होगा तो उसे भी जानकारी शेयर करनी पड़ी होगी.

26 देशों को जानकारी नहीं शेयर की गई
26 देशों ने स्विटजरलैंड के साथ ये जानकारी तो शेयर की, लेकिन बदले में स्विटजरलैंड ने अपनी तरफ से उन्हें कोई जानकारी नहीं शेयर की. माना जा रहा है कि डेटा सिक्यॉरिटी कारण से 14 देशों को स्विटजरलैंड ने जानकारी शेयर करने से मना किया, जबकि 12 देशों ने जान बूझकर जानकारी नहीं प्राप्त करने पर सहमति जताई.

नाम और अन्य डिटेल नहीं शेयर की जाती है
फेडरल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन (FTA) किसी भी अकाउंट होल्डर का नाम या अन्य जानकारी शेयर नहीं करता है. माना जा रहा है कि सितंबर 2022 में स्विस एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से इसी तरह चौथी दफा जानकारी शेयर की जाएगी. FTA ने पहली बार सितंबर 2019 में स्विस बैंक से इस तरह की जानकारी हासिल की थी. उस साल स्विस बैंक ने 75 देशों के ऐसी जानकारी शेयर की थी.
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