जनता से रिश्ता वेबडेस्क। सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India(LIC) की सूचीबद्धता के बारे में बयान देते हुए सरकार ने कहा है कि, देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम की सूचीबद्धता के बाद 60 फीसद तक का बीमा कारोबार सूचीबद्ध कंपनियों के पास आ जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने इस साल जुलाई के महीने में LIC की सूचीबद्धता को अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में LIC के Initial Public Offering (IPO) के जरिए 1.75 करोड़ रुपये के विनिवेश को हासिल करने का लक्ष्य बनाया है।

वित्त मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पद पर तैनात अमित अग्रवाल ने इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा कि, वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत तेजी से एक उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित हो रहा है। हमारा वित्तीय तंत्र लगातार मजबूत और परिपक्व होता जा रहा है और इसमें गहराई भी आ रही है। बीमा क्षेत्र में स्पर्धा को खोलने और बढ़ाने के बाद यह क्षेत्र भी परिपक्व और मजबूत हुआ है। आज हमारे देश में कुल बीमा कंपनियों की संख्या 69 हो चुकी है, जोकि वर्ष 2000 में इकाई अंक पर यानी मात्र आठ थी।
आपको बता दें कि चालू वित्त वर्ष में सरकार ने विनिवेश के जरिए 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, पर अभी तक सरकार विनिवेश के जरिए केवल 7,646 करोड़ रुपए जुटाने में सफल हो सकी है। हाल ही में सरकार के द्वारा तेल व गैस क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनियों में 100 फीसद विदेशी निवेश को मंजूरी दी थी, ताकि विदेशी निवेशकों के द्वारा इन इन कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी जा सके।
वहीं आगामी कुछ दिनों में संभावित LIC का IPO इस देश का अभी तक का सबसे बड़ा IPO भी साबित हो सकता है। साथ ही सरकार को भी यह उम्मीद है कि LIC में विनिवेश के जरिए आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने में काफी सहायता मिलेगी।


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