नई दिल्ली:  स्विगी इंस्टामार्ट के जरिए मंगाए गए खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर ग्राहकों की शिकायतें सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अलग-अलग पोस्ट में नोइस ब्रांड के आटे में मक्खियां, चॉकलेट में कीड़ा और केक में फफूंद मिलने का आरोप लगाया गया है। ग्राहकों ने अपने दावों के समर्थन में तस्वीरें और वीडियो भी साझा किए हैं। इन शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा, पैकेजिंग और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ये ग्राहकों के आरोप हैं; संबंधित उत्पादों की प्रयोगशाला जांच के निष्कर्ष सामने नहीं आए हैं। 
एक ग्राहक ने दावा किया कि स्विगी इंस्टामार्ट से मंगाए गए ताजा पिसे आटे के सीलबंद पैकेट में मक्खियां दिखाई दीं। ग्राहक के अनुसार, डिलीवरी मिलने के कुछ समय बाद ही बिना खोले पैकेट के भीतर कीड़े नजर आ रहे थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नोइस ब्रांड के उत्पादों में गुणवत्ता संबंधी समस्या का सामना उन्हें पहली बार नहीं करना पड़ा है। पोस्ट के जरिए दूसरे उपभोक्ताओं को भी खरीदारी करते समय सतर्क रहने को कहा गया। 
दूसरी शिकायत नोइस फ्रेंच चॉकलेट रोशे से जुड़ी है। ग्राहक ने एक तस्वीर साझा करते हुए आरोप लगाया कि चॉकलेट के भीतर कीड़ा मिला। उनके मुताबिक, कस्टमर सपोर्ट से संपर्क करने के बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। हालांकि, उन्होंने उत्पाद की गुणवत्ता पर निराशा जताई। ग्राहक का कहना था कि प्रीमियम कुवर्चर चॉकलेट से उन्हें बेहतर गुणवत्ता की उम्मीद थी और उसमें इस तरह की समस्या सामने आना चिंताजनक है।
एक अन्य ग्राहक ने नोइस ब्रांड के केक में फफूंद होने का दावा किया। उनका कहना था कि उन्होंने उत्पाद को बेहतर सामग्री और पाम ऑयल रहित विकल्प समझकर चुना था। ग्राहक के अनुसार, फफूंद दिखाई देने से पहले वह केक का थोड़ा हिस्सा खा चुके थे। शिकायत के बाद रकम वापस मिलने की बात भी उन्होंने कही, लेकिन साथ ही सवाल उठाया कि ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या व्यवस्था है। किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने की पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है। 
इन शिकायतों में ग्राहकों की नाराजगी केवल खराब उत्पाद मिलने तक सीमित नहीं है। रकम वापस मिलने के बावजूद कुछ उपभोक्ताओं ने पूछा है कि उत्पादों की जांच और ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं या नहीं। सोशल मीडिया पर चर्चा में भंडारण की स्थिति, स्वच्छता और उपभोक्ता शिकायतों के समाधान जैसे मुद्दे भी सामने आए हैं। हालांकि, तस्वीरों और पोस्ट के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि कथित खराबी उत्पादन, पैकिंग, भंडारण या आपूर्ति के किस चरण में हुई। 
15 अक्टूबर की सुबह प्रकाशित उपलब्ध रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपों पर स्विगी की प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। इस कारण संबंधित उत्पादों, शिकायतों की जांच और संभावित सुधारात्मक कदमों को लेकर कंपनी का विस्तृत पक्ष स्पष्ट नहीं है। ग्राहकों को रिफंड दिए जाने की जानकारी भी उनके अपने बयानों पर आधारित है। 
इससे पहले जुलाई 2026 में भी अलग उपभोक्ता शिकायतों के आधार पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने स्विगी इंस्टामार्ट को नौ नोटिस जारी किए थे। उन मामलों में एक्सपायरी के बाद उत्पाद पहुंचाने और खराब खाद्य सामग्री की आपूर्ति जैसे आरोप शामिल थे। प्राधिकरण ने सुधारात्मक एवं निवारक कदमों, समस्या के मूल कारण और शिकायत निवारण की जानकारी मांगी थी। जुलाई की कार्रवाई अलग मामलों से संबंधित थी; उसे मौजूदा आटा, चॉकलेट और केक की शिकायतों पर हुई नई कार्रवाई नहीं माना जाना चाहिए।
Tags: