New Delhi नई दिल्ली: भारत सरकार ने ई-वेस्ट प्रबंधन के लिए सितंबर में नए नियम लागू किए, जिसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को पुनर्चक्रण के लिए न्यूनतम शुल्क देना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य ई-कचरे के असंगठित निपटान को रोकना और औपचारिक रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना है।
नए नियमों का विरोध करते हुए डाइकिन, हिताची और सैमसंग जैसी विदेशी कंपनियों ने दिल्ली में सरकार के खिलाफ कानूनी चुनौती दी है। कंपनियों का कहना है कि ये नियम अनुपालन की लागत बढ़ाते हैं और व्यापार को प्रभावित कर सकते हैं।