नई दिल्ली: भारत में पोल्ट्री उद्योग (Poultry Industry) तेजी से विस्तार कर रहा है। मुर्गी पालन से जुड़े किसानों और कारोबारियों के लिए आने वाले समय में अच्छी खबर सामने आई है। केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, देश के पोल्ट्री सेक्टर के राजस्व में वर्ष 2027 तक करीब 7 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रोटीन की बढ़ती मांग, शहरीकरण और बदलती जीवनशैली के कारण इस क्षेत्र में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है।
पोल्ट्री फार्मिंग भारत में रोजगार और आय का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है। बड़ी संख्या में किसान और छोटे कारोबारी मुर्गी पालन से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रहे हैं। बढ़ती खपत और बाजार में मांग के कारण इस कारोबार में भविष्य में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का पोल्ट्री उद्योग लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वर्ष 2027 में पोल्ट्री सेक्टर का राजस्व पिछले साल की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। इसके साथ ही उद्योग की आय में भी 50 से 100 आधार अंक तक सुधार होने की संभावना है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पोल्ट्री सेक्टर की ग्रोथ के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। देश में लोगों के बीच प्रोटीन युक्त भोजन की मांग तेजी से बढ़ रही है। अंडे और चिकन को प्रोटीन के सस्ते और आसान स्रोत के रूप में देखा जाता है, जिसके चलते इसकी खपत में लगातार इजाफा हो रहा है।
इसके अलावा शहरीकरण, लोगों की बढ़ती आय और खान-पान की आदतों में बदलाव भी पोल्ट्री उद्योग को मजबूती दे रहे हैं। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी अंडे और मांस की मांग बढ़ी है। इससे पोल्ट्री फार्म संचालकों को बेहतर बाजार मिल रहा है।
भारत दुनिया के प्रमुख अंडा और मांस उत्पादक देशों में शामिल है। देश में छोटे और बड़े स्तर पर हजारों पोल्ट्री फार्म संचालित हो रहे हैं। सरकार और निजी क्षेत्र की ओर से भी इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को नए अवसर मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में पोल्ट्री सेक्टर में आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और उत्पादन क्षमता बढ़ाने से कारोबार में और तेजी आ सकती है। हालांकि, इस क्षेत्र में चारे की कीमत, बीमारी नियंत्रण और बाजार में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियां भी बनी रहती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, यदि मांग इसी तरह बढ़ती रही तो पोल्ट्री उद्योग देश की कृषि अर्थव्यवस्था में और महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे न सिर्फ कारोबारियों को फायदा होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, पोल्ट्री सेक्टर आने वाले समय में निवेश और रोजगार के लिहाज से एक मजबूत क्षेत्र बनकर उभर सकता है। बढ़ती खपत और बेहतर बाजार संभावनाओं को देखते हुए मुर्गी पालन से जुड़े लोगों के लिए कमाई के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।