नयी दिल्ली। सरकार से टाटा समूह के नियंत्रण में आयी एयर इंडिया ने अपने बेड़े के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए यूरोपीय विमान निर्माता कंपनी एयरबस से 250 विमानों के खरीद समझौते की मंगलवार को घोषणा की। इस समझौते की घोषणा एक वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से करते हुए टाटा संस के अध्यक्ष नटराजन चंद्रशेखरन ने कहा,

" हम एयर इंडिया को एक विश्व स्तरीय एयरलाइन बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए बदलाव की विशाल प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। "इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों, नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और टाटा ट्रस्ट के प्रमुख रतन टाटा भी जुड़े थे। श्री चंद्रशेखरन ने कहा कि एयर इंडिया ने एयरबस से 250 विमानों का सौदा किया है। यह एयरबस के साथ सबसे बड़े सौदों में से एक है।

इस मौके पर श्री मोदी ने टाटा समूह और एयरबस को इस समझौते के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह भारत और फ्रांस के बीच प्रगाढ़ संंबंधों को दर्शाता है और इसमें भारत के उड्डयन क्षेत्र की सफलतायें और आकांक्षायें भी झलकती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का नागर विमानन क्षेत्र भारत के विकास की यात्रा का एक समन्वित अंग है। हमारी राष्ट्रीय अवसरंचना नीति में नागर विमानन क्षेत्र एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा कि भारत में पिछले आठ साल में हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 147 हो गयी है। उड़ान योजना से दूरदराज के क्षेत्रों में भी हवाई सेवा का विस्तार हुआ है और इसे जनता के आर्थिक और सामाजिक विकास को बल मिला है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उड्डयन बाजार होगा और भारत में 15 साल में दो हजार से अधिक और विमानों की जरूरत होगी।

श्री मोदी ने कहा कि भारत के 'मेक इन इंडिया मेक फॉर द वर्ल्ड' की सोच से भारत में विमानन विनिर्माण उद्योग में नयी संभावनायें उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने भारत और फ्रांस के संबंधों पर कहा कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति का मामला हो या खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा का मामला हो, दोनों देश मिलकर सार्थक योगदान कर रहे हैं।

श्री मैक्रां ने कहा कि उनका देश भारत को सर्वश्रेष्ठ उपलब्ध प्रौद्योगिकी मुहैय्या कराने की गहरी प्रतिबद्धता रखता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता दर्शाता है कि एयरबस और उसके भागीदार भारत के साथ और अधिक कारोबार करने को उत्सुक हैं जिनमें विमान इंजन बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी सफरान भी शामिल है। उन्होंने इस समझौते को दोनों देशों के संबंधों में मील का एक पत्थर करार दिया।

एयरबस के प्रमुख गुईलाउमे फॉरी ने कहा कि यह भारत एयर इंडिया और एयरइंडिया के लिए ऐतिहासिक क्षण है, यह भारत में नागर विमानन क्षेत्र के विकास को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि टाटा समूह इस समय एयर इंडिया के अलावा विस्तारा और एयर एशिया का परिचालन भी कर रहा है। इसकी योजना अपने पूरे एयरलाइन कारोबार को एक समन्वित रूप देना है।

  

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