नई दिल्ली: धनतेरस और दीपावली की खरीदारी से पहले सोने-चांदी की कीमतों में हलचल देखने को मिल रही है। सोमवार, 2 नवंबर 2026 की सुबह घरेलू वायदा बाजार में दोनों कीमती धातुओं में बढ़त दर्ज की गई। मिंट की सुबह 9:31 बजे प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, करीब 9:13 बजे एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.40 प्रतिशत बढ़कर 1,39,400 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी वायदा लगभग 1.15 प्रतिशत चढ़कर 1,82,250 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहे थे। ये वायदा बाजार के भाव हैं; ज्वेलरी शोरूम के खुदरा रेट अलग हो सकते हैं।
त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे ग्राहकों के लिए सोने की शुद्धता और शहर के अनुसार कीमत का अंतर समझना जरूरी है। मिंट की इसी रिपोर्ट में प्रकाशित प्रमुख शहरों के सुबह के सांकेतिक खुदरा भाव इस प्रकार हैं।
शहर 24 कैरेट सोना, प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोना, प्रति 10 ग्राम चांदी 999, प्रति किलो
नई दिल्ली ₹1,38,900 ₹1,27,325 ₹1,81,610
मुंबई ₹1,38,990 ₹1,27,408 ₹1,81,930
बेंगलुरु ₹1,39,100 ₹1,27,508 ₹1,82,080
हैदराबाद ₹1,39,210 ₹1,27,673 ₹1,82,080
चेन्नई ₹1,39,460 ₹1,27,838 ₹1,82,320
ये 2 नवंबर के सुबह प्रकाशित भाव हैं, खरीद के समय लागू अंतिम दर नहीं। अलग-अलग स्रोतों और विक्रेताओं की कीमतों में अंतर मिल रहा है। उदाहरण के लिए, ज्वेलर एटी ज्वेल्स ने सुबह 8:15 बजे अपने सांकेतिक संदर्भ भाव में 24 कैरेट सोना लगभग 1,38,870 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,27,290 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1,99,900 रुपये प्रति किलो बताई। विक्रेता ने स्पष्ट किया कि अंतिम बिल उसके तत्काल काउंटर रेट के आधार पर बनेगा। खासकर चांदी के भाव में स्रोतों के बीच बड़ा अंतर होने के कारण स्थानीय दुकान से दर की पुष्टि जरूरी है।
आभूषण खरीदने वालों को केवल प्रति ग्राम कीमत देखकर बजट तय नहीं करना चाहिए। मेकिंग चार्ज और लागू कर जुड़ने के बाद भुगतान की राशि बढ़ सकती है। प्रकाशित सांकेतिक बुलियन रेट में जीएसटी और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं भी हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले विक्रेता से सोने या चांदी की मूल कीमत, वजन, शुद्धता और सभी अतिरिक्त शुल्क का अलग-अलग विवरण लेना उपयोगी होगा।
सोने के गहनों की खरीद में बीआईएस हॉलमार्क, शुद्धता का निशान और छह अंकों का एचयूआईडी नंबर भी जाँचना चाहिए। एचयूआईडी की प्रामाणिकता बीआईएस केयर ऐप से सत्यापित की जा सकती है। इसके साथ पक्का बिल लेना और दुकान की एक्सचेंज तथा बायबैक शर्तें समझना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में गहना बदलवाने या बेचने पर होने वाली कटौती स्पष्ट रहे।