पुणे। महाराष्ट्र के पुणे शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर की बहुप्रतीक्षित पिंक मेट्रो लाइन का मंगलवार, 3 नवंबर को उद्घाटन प्रस्तावित है। लगभग 8,300 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पुणे के प्रमुख आईटी हब हिंजेवाड़ी को शिवाजीनगर से जोड़ेगी। करीब 23 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो कॉरिडोर के शुरू होने से हजारों कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही शहर की सड़कों पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
पुणे देश के तेजी से विकसित हो रहे महानगरों में शामिल है। यहां सूचना प्रौद्योगिकी, शिक्षा, उद्योग और सेवा क्षेत्र में लगातार विस्तार हो रहा है। विशेष रूप से हिंजेवाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में आईटी कंपनियां और कार्यालय मौजूद हैं। इन कार्यालयों में काम करने वाले हजारों कर्मचारी प्रतिदिन शहर के विभिन्न इलाकों से आवागमन करते हैं। ऐसे में हिंजेवाड़ी और शिवाजीनगर के बीच मेट्रो संपर्क को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
23 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से जुड़ेगा आईटी हब
पिंक मेट्रो लाइन का उद्देश्य पुणे के महत्वपूर्ण व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। हिंजेवाड़ी से शिवाजीनगर तक प्रस्तावित यह कॉरिडोर लगभग 23 किलोमीटर लंबा है।
इस मार्ग पर मेट्रो सेवा शुरू होने से उन यात्रियों को विशेष लाभ मिल सकता है, जिन्हें रोजाना कार्यालय, कॉलेज या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
मेट्रो सेवा का एक बड़ा फायदा यह है कि यात्रियों को सड़क पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से अपेक्षाकृत कम प्रभावित होना पड़ता है। निर्धारित समय पर ट्रेनों का संचालन होने से दैनिक यात्रा की योजना बनाना भी आसान हो सकता है।
8,300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार परियोजना
पिंक मेट्रो लाइन को पुणे की महत्वपूर्ण परिवहन परियोजनाओं में गिना जा रहा है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 8,300 करोड़ रुपये बताई गई है।
इतने बड़े निवेश का उद्देश्य शहर में दीर्घकालिक सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं का विकास करना है। मेट्रो परियोजनाओं में ट्रैक निर्माण, स्टेशन, बिजली आपूर्ति, सिग्नलिंग, सुरक्षा उपकरण और अन्य तकनीकी सुविधाओं पर भारी खर्च होता है।
हालांकि, उद्घाटन के साथ पूरे कॉरिडोर पर यात्री सेवाएं शुरू होंगी या शुरुआती चरण में सीमित हिस्से पर संचालन किया जाएगा, इसकी स्पष्ट जानकारी आधिकारिक घोषणा से ही मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे मेट्रो की पिंक लाइन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस अवसर पर पुणे मेट्रो से जुड़ी करीब 21,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा।
23 स्टेशनों में से 17 पर शुरू होगी सेवा
पुणे मेट्रो लाइन-3 की कुल लंबाई 23.203 किलोमीटर है। इस एलिवेटेड कॉरिडोर पर 23 स्टेशन बनाए गए हैं। शुरुआती चरण में 17 स्टेशनों को यात्रियों के लिए खोला जाएगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा 4 नवंबर से शुरू होगी। व्यस्त समय में लगभग छह मिनट और अन्य समय में करीब 12 मिनट के अंतराल पर ट्रेनें चलाने की योजना है।
महिला ट्रेन ऑपरेटर संभालेंगी संचालन
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि पिंक लाइन की ट्रेनों का संचालन पूरी तरह महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। इसे सार्वजनिक परिवहन में महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दिया गया है। इसकी लगभग 30 प्रतिशत बिजली की जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
आईटी कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा फायदा
हिंजेवाड़ी स्थित राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क पुणे के प्रमुख रोजगार केंद्रों में शामिल है। यहां काम करने वाले कर्मचारियों को कार्यालय आने-जाने के दौरान अक्सर यातायात की समस्या का सामना करना पड़ता है।
नई मेट्रो लाइन से दैनिक यात्रियों को सड़क यातायात का विकल्प मिलेगा। शिवाजीनगर स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन पर मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जुड़ाव होने के कारण शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंच भी आसान होगी।
13,500 करोड़ की नई मेट्रो परियोजनाओं की भी सौगात
प्रधानमंत्री इस अवसर पर पुणे मेट्रो के दूसरे चरण की परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। करीब 13,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इन परियोजनाओं में लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए शामिल हैं।
इनके तहत वनाज से चांदनी चौक, रामवाड़ी से विट्ठलवाड़ी, खराड़ी से खड़कवासला और नल स्टॉप से माणिक बाग के बीच मेट्रो संपर्क विकसित किया जाएगा। इससे पुणे के आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिल सकेंगी।
शहर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
पिंक लाइन के शुरू होने से पुणे की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से सड़कों पर यातायात का दबाव और वाहनों से होने वाला प्रदूषण भी कम हो सकता है।
करीब 8,313 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना पुणे के बढ़ते शहरी विस्तार और रोजगार केंद्रों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। अब शहरवासियों को 3 नवंबर के उद्घाटन और 4 नवंबर से प्रस्तावित यात्री सेवाओं की शुरुआत का इंतजार है।