GST काउंसिल की महाबैठक आज, क्या-क्या राहतें मिलेंगी?
कारोबार आसान बनाने वाले बड़े सुधारों पर हो सकती है चर्चा.
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद (जीएसटी काउंसिल) की 57वीं बैठक गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित होगी। केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधियों वाली यह बैठक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में अगले चरण के सुधारों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जीएसटी परिषद सचिवालय के अनुसार, यह बैठक पहले बुधवार को आयोजित होनी थी, लेकिन कुछ अपरिहार्य कारणों से इसे एक दिन के लिए स्थगित कर गुरुवार को आयोजित करने का फैसला किया गया। सूत्रों और रिपोर्टों के अनुसार, परिषद बैठक में जीएसटी अनुपालन को और आसान बनाने के उद्देश्य से कई प्रक्रियागत सुधारों पर चर्चा हो सकती है। इनमें रजिस्ट्रेशन, रिटर्न फाइलिंग, रिफंड प्रक्रिया, विवाद निपटान व्यवस्था और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े नियमों को सरल बनाने के प्रस्ताव शामिल हैं।
इन सुधारों का उद्देश्य करदाताओं और व्यवसायों के लिए अनुपालन में लगने वाले समय और लागत को कम करना है। इसके साथ ही कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा सकते हैं।
बताया जा रहा है कि परिषद जीएसटी कानूनों को सरल बनाने संबंधी जीएसटी परिषद की लॉ कमेटी की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। समिति ने ऐसे मामलों में अंतर करने की सिफारिश की है, जहां कर चोरी जानबूझकर की गई हो और जहां कर भुगतान में कमी या देरी अनजाने में हुई हो।
वर्तमान व्यवस्था के तहत सीजीएसटी अधिनियम की धारा 69 के अंतर्गत आयुक्त को कुछ मामलों में गिरफ्तारी की अनुमति देने का अधिकार है, यदि उन्हें यह विश्वास हो कि संबंधित व्यक्ति ने धारा 132 के तहत निर्दिष्ट गंभीर अपराध किए हैं, जिनमें कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट से जुड़े मामले शामिल हैं।
बैठक में ई-कॉमर्स कारोबारियों और छोटे व्यवसायों के लिए अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने के उपायों पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में कह चुके हैं कि जीएसटी सुधारों का अगला चरण अनुपालन को और सरल बनाएगा तथा रिफंड प्रक्रिया में सुधार करेगा, जिससे उद्योगों को निवेश और विस्तार के लिए अधिक भरोसा मिलेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि अगले चरण के जीएसटी सुधारों का मुख्य फोकस रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, विवाद समाधान और इनपुट टैक्स क्रेडिट से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाना होगा। गौरतलब है कि यह बैठक पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन भारत द्वारा आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।