
जनता से रिश्ता वेबडेस्क| रियाद, एजेंसियां। कोरोना प्रतिबंध हटने के साथ ही तीर्थयात्रियों ने रविवार को उमराह के लिए मक्का स्थित इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल (काबा) की परिक्रमा की। फिलहाल सऊदी अरब की सरकार ने देश के नागरिकों और यहां रहने वाले लोगों को ही इसकी इजाजत दी है। संक्रमण को रोकने के लिए सऊदी सरकार ने मार्च महीने में उमराह को स्थगित करने का अप्रत्याशित कदम उठाया था। बता दें कि दुनिया का कोई भी मुसलमान कभी भी उमराह कर सकता है। उमराह दो घंटे के अंदर तेजी से किया जानेवाला आध्यात्मिक अमल है। हज और उमराह करनेवाले तीर्थयात्रियों को काबा के इर्द-गिर्द चक्कर लगाना होता है। काबा के महत्व का अंदाजा इसी लगाया जा सकता है कि दुनिया के मुसलमान इसकी दिशा में पांच वक्त की नमाज पढ़ते हैं।
पहले चरण के तहत सरकार ने प्रतिदिन 6,000 तीर्थयात्रियों को मस्जिद में प्रवेश की अनुमति दी है। प्रत्येक व्यक्ति को तीन घंटे के अंदर तीर्थयात्रा पूरी करनी होगी। मस्जिद में प्रवेश करने के लिए आंगतुकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सरकारी टेलीविजन द्वारा रविवार को जारी किए गए फुटेज में लगभग 50 लोगों को काबा की परिक्रमा करते हुए दिखाया जा रहा है। प्रतिबंधों में ढील का दूसरा चरण 18 अक्टूबर को लागू होगा। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक देश के बाहर के मुस्लिम तीर्थयात्रियों को एक नवंबर से उमराह की इजाजत दी जा सकती है।
बता दें दुनियाभर के मुसलमान साल भर उमरा के लिए मक्का की यात्रा करते हैं। इसे साल के किसी भी महीने में किया जा सकता है। हज मंत्री मोहम्मद बेनटेन (Hajj Minister Mohammad Benten) ने यह जानकारी दी कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को समूहों में बांटा जाएगा ताकि मक्का के मस्जिद में शारीरिक दूरी बनी रहे। सऊदी अरब सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सरकार हज और उमरा से हर साल 12 अरब डॉलर कमाती है।
