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आतंकवाद पर सबसे बड़ा हमला: अमेरिका ने मार गिराया अलकायदा चीफ अल जवाहिरी, जो बाइडेन ने कही बड़ी बात

jantaserishta.com
2 Aug 2022 2:41 AM GMT
आतंकवाद पर सबसे बड़ा हमला: अमेरिका ने मार गिराया अलकायदा चीफ अल जवाहिरी, जो बाइडेन ने कही बड़ी बात
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न्यूज़ क्रेडिट: आजतक

नई दिल्ली: अमेरिका ने ड्रोन स्ट्राइक में अल कायदा के चीफ अल जवाहिरी को ढेर कर दिया. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जवाहिरी की मौत की पुष्टि की. अल जवाहिरी (71 साल) ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद से आतंकी संगठन अल कायदा का लीडर था. जवाहिरी काबुल में एक घर में छिपा था. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि जवाहिरी 9-11 की साजिश में शामिल था. इस हमले में 2977 लोगों की मौत हो गई थी. दशकों से वह अमेरिकियों पर हमले का मास्टरमाइंड रहा है. अल जवाहिरी पर 25 मिलियन डॉलर यानी 1.97 अरब रुपए इनाम था.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा, शनिवार को मेरे आदेश पर अमेरिका ने अफगानिस्तान के काबुल में सफल एयर स्ट्राइक की, इसमें अल कायदा का चीफ अल जवाहिरी ढेर हो गया. उन्होंने कहा, अब न्याय हो गया है. आतंकी जवाहिरी की मौत हो गई है. बाइडेन ने कहा, ''कोई फर्क नहीं पड़ता कितना समय हुआ, कोई फर्क नहीं पड़ता, तुम कहां छिपे हो. अगर तुम हमारे लोगों के लिए खतरा हो, अमेरिका तुम्हें खोज निकालेगा.''
बाइडेन ने बताया कि बैठकों के बाद मैंने जवाहिरी को मारने के लिए ऑपरेशन को मंजूरी दी. मिशन सफल रहा. इस दौरान जवाहिरी के परिवार के किसी भी सदस्य को नुकसान नहीं पहुंचाया गया. इतना ही नहीं इस दौरान कोई नागरिक भी नहीं मारा गया. बाइडेन ने कहा, जब 1 साल पहले मैंने फैसला किया कि अमेरिकियों को बचाने के लिए अफगानिस्तान में हमारे हजारों सैनिकों की कोई जरूरत नहीं है. तब मैंने अमेरिकी लोगों से वादा किया था कि हम अफगानिस्तान और उसके बाहर प्रभावी आतंकवाद विरोधी अभियान चलाना जारी रखेंगे. हमने बस यही किया है.
सऊदी अरब ने जवाहिरी की मौत का स्वागत किया है. सऊदी अरब ने बयान जारी कर कहा कि जवाहिरी को आतंकवाद के नेताओं में से एक माना जाता है. उसने अमेरिका और सऊदी अरब में जघन्य आतंकवादी अभियानों की साजिश रची और उन्हें अंजाम देने के लिए कदम उठाए.
जवाहिरी ने काबुल में शरण ले रखी थी. अमेरिकी खुफिया विभाग को अप्रैल 2022 में उसके छिपे होने की जानकारी मिली थी. अमेरिका ने शनिवार रात 9:48 बजे इस हमले को अंजाम दिया. इस हमले के लिए अमेरिका ने दो Hellfire मिसाइल का इस्तेमाल किया. हमले के वक्त जवाहिरी बालकनी में था. खास बात ये है कि इस हमले के समय कोई भी अमेरिकी काबुल में मौजूद नहीं था.
हक्कानी तालिबान के वरिष्ठ लोगों को क्षेत्र में जवाहिरी की मौजूदगी के बारे में जानकारी थी. अमेरिका ने इसे दोहा समझौते का उल्लंघन बताया. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, तालिबान ने जवाहिरी की मौजूदगी छिपाने की कोशिश की. उसकी बेटी और परिवार के सदस्यों को भी बार बार अलग अलग जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा था.
जवाहिरी इजिप्ट के प्रतिष्ठित परिवार से था. उसने 11 साल पहले अल कायदा की कमान संभाली थी. वह कभी ओसामा बिन लादेन का पर्सनल फिजीशियन था. जवाहिरी ने अमेरिका पर आतंकी हमले के मास्टरमाइंड की साजिश में मदद की थी.
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