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हॉकी खेलना भक्ति की तरह है: राजबीर कौर

Bharti
5 Dec 2020 10:29 AM GMT
हॉकी खेलना भक्ति की तरह है:  राजबीर कौर
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ओलंपियन गुरमेल सिंह और भारतीय महिला हॉकी टीम के पूर्व कप्तान राजबीर कौर सुरजीत हॉकी स्टेडियम में बच्चों के हॉकी कोचिंग कैंप में पहुंचे

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | ओलंपियन गुरमेल सिंह और भारतीय महिला हॉकी टीम के पूर्व कप्तान राजबीर कौर सुरजीत हॉकी स्टेडियम में बच्चों के हॉकी कोचिंग कैंप में पहुंचे। इंडियन हॉकी की गोल्डन गर्ल रही राजबीर कौर ने इस दौरान खिलाडिय़ों को कहा कि हॉकी खेलना भक्ति की तरह है और एक खिलाड़ी के रूप में जो सच्चे दिल और कड़ी मेहनत के साथ हॉकी खेलता है, वह निश्चित रूप से अपने लक्ष्य को प्राप्त करेगा।राजबीर ने खिलाड़यिों को कहा कि वे भाग्यशाली हैं उन्हें अच्छे कोच, एस्ट्रोटर्फ और कोचिंग मिल रही है जबकि उनके समय में ऐसी सुविधाएं नहीं थीं। उन्होंने सुरजीत हॉकी सोसायटी के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह भारत का पहला कोचिंग कैंप है जिसमें बहुत सारे खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

सुरजीत हॉकी सोसायटी के निदेशक सुरिंदर सिंह भापा ने बताया कि गोल्डन गर्ल के नाम से जानी जाने वाली राजबीर कौर को 1984 में अर्जुन पुरस्कार और पंजाब सरकार द्वारा राष्ट्रीय खेलों में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए महाराजा रणजीत सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। राजबीर एकमात्र भारतीय हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने 1982, 1986, 1990 और 1994 में लगातार चार एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया है।
1982 के एशियाई खेलों में वह सबसे कम उम्र की शीर्ष स्कोरर बनीं और स्वर्ण पदक जीता जबकि 1986 के एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया। विश्व कप में भाग लेने के अलावा उन्होंने 150 से अधिक अंतररष्ट्रीय मैच खेले। ओलंपियन गुरमेल सिंह 1980 के मास्को ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता और साथ ही अर्जुन पुरस्कार विजेता रहे तथा पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवानिवृत्त हुए।


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