विज्ञान

Alien की तलाश में यूरोपा रवाना होगा स्पेसक्राफ्ट

Rani Sahu
8 March 2022 9:41 AM GMT
Alien की तलाश में यूरोपा रवाना होगा स्पेसक्राफ्ट
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विज्ञान ने पिछले कुछ दशकों में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है

विज्ञान ने पिछले कुछ दशकों में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है. लेकिन इंसान द्वारा सबसे बड़ी खोज ये पता लगाना है कि क्या कोई ऐसी जगह है, जहां पर जीवन पनप सकता है. ये खोज वैज्ञानिकों को बृहस्पति ग्रह के चंद्रमा यूरोपा तक लेकर गई है. माना जाता है कि यहां पर जीवन को पनपने के लिए मददगार चीजें मौजूद हो सकती हैं. ऐसे में यहां पर अगर जीवन है, तो एलियंस भी मौजूद हो सकते हैं.

यूरोपा क्लिपर मिशन के जरिए एक स्पेसक्राफ्ट को इस रहस्यमयी दुनिया पर भेजा जाएगा. अभी इस स्पेसक्राफ्ट को जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) में तैयार किया जा रहा है. एक बार तैयार होने पर ये स्पेसक्राफ्ट एक एसयूवी के बराबर होगा. इस पर लगे सोलर पैनल बास्केटबॉल कोर्ट के आकार तक फैल सकेंगे. नासा यूरोपा पर खोज के लिए हर बारीकी का ध्यान रख रही है. इस मिशन को 2024 में लॉन्च किया जाएगा.
यूरोपा क्लिपर मिशन पृथ्वी से परे एक महासागर वाले चंद्रमा की स्टडी करेगा. ये अपने तरह की पहली स्टडी होगी. इस मिशन के जरिए ये पता लगाया जाएगा कि क्या पृथ्वी से दूर मौजूद यूरोपा पर जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं या नहीं. मिशन के जरिए यूरोपा की आवास क्षमता की जांच की जाएगी.
स्पेसक्राफ्ट खुद से बृहस्पति के चंद्रमा पर जीवन की तलाश नहीं करेगा, बल्कि इसके बजाय वह यूरोपा के महासागर, बर्फ के खोल, संरचना और भूविज्ञान के बारे में पता लगाएगा. अपने मिशन के दौरान स्पेसक्राफ्ट यूरोपा के 45 फ्लाईबाई करेगा. इसमें सबसे अधिक दूरी वाला फ्लाईबाई 2700 किमी और सबसे नजदीकी 25 किमी होगा.
यूरोपा क्लिपर मिशन नौ उपकरणों के एक सूट के साथ अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचेगा, जिसमें यूरोपा की सतह की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरों को खींचने और इसकी संरचना का पता लगाने के लिए कैमरे और स्पेक्ट्रोमीटर शामिल हैं. आइस-पेनेट्रेटिंग रडार यूरोपा के बर्फीले खोल की मोटाई का निर्धारण करेगा और सतह की नीचे मौजूद झीलों का पता लगाएगा. ऐसी झीले अंटार्कटिका की बर्फ की चादर के नीचे पाई गई हैं.
स्पेसक्राफ्ट यूरोपा के चुंबकीय क्षेत्र की ताकत और दिशा को मापने के लिए एक मैग्नेटोमीटर का भी इस्तेमाल करेगा. इस मैग्नेटोमीटर के जरिए वैज्ञानिक यूरोपा के महासागर की गहराई और लवणता का पता लगा पाएंगे. वहीं, ग्रैविटी मेजरमेंट के जरिए यूरोपा के सतह के नीचे मौजूद महासागर का पता लगाया जाएगा.
मिशन के दौरान एक थर्मल उपकरण के जरिए सतह या उसके पास गर्म पानी के हाल के विस्फोटों की तलाश की जाएगी. इसके अलावा, स्पेसक्राफ्ट के साथ भेजे गए अन्य उपकरणों के जरिए ये पता लगाया जाएगा कि चंद्रमा के वातावरण में पानी या छोटे कण मौजूद हैं या नहीं. यूरोपा बृहस्पति के 53 चंद्रमाओं में से एक है. माना जाता है कि इसकी सतह के नीचे जीवन मौजूद है.


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